मंत्री का रिश्तेदार बन ठगी: नौकरी दिलाने के नाम पर 22.70 लाख हड़पे, फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया

रायगढ़। मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर चार लोगों से 22 लाख 70 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को रामविचार नेताम का रिश्तेदार बताकर भरोसा जीता और फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर रकम ऐंठ ली। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
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पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी समारू राम टंडन (51) निवासी रामभांठा की मुलाकात अप्रैल 2025 में रायपुर के जयस्तंभ चौक के पास आरोपी कुमार राम ठाकुर (60) और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर (55) से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का दावा करते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
आरोपियों ने डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर समारू के बेटे समेत अन्य परिचित—पिंटू लहरे, राजेश साहू और लोकनाथ चौहान—से बायोडाटा मंगवाया और चरणबद्ध तरीके से रकम ली। शुरुआत में 4 लाख रुपये नकद लिए गए, जबकि बाद में कुल 9.92 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
1 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने सभी को अपने गांव भद्ररसी (जिला महासमुंद) बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाया और शेष राशि की मांग की। 8 दिसंबर को फिर बुलाकर 8.77 लाख रुपये और ले लिए गए। आरोपियों ने 12 दिसंबर को मंत्रालय में जॉइनिंग कराने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में विधानसभा सत्र का हवाला देकर टालमटोल करते रहे।
लंबे समय तक जॉइनिंग नहीं होने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर साफ इनकार कर दिया।
शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।



