Google Analytics —— Meta Pixel

Gobind Sagar jheel Hadsa: दोस्त को डूबते देख एक-एक कर झील में कूदे 6 युवक, सभी की मौत

Gobind Sagar jheel Hadsa: हिमाचल प्रदेश के ऊना की गोबिंद सागर झील में दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां डूबने से 7 युवकों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक सभी युवक पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले थे। दरअसल, गरीबनाथ मंदिर के पास झील में पहले एक युवक डूबा और फिर बाकी 6 उसको बचाने के लिए पानी में कूदे, लेकिन वह भी बाहर नहीं आ सके। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने सातों के शव बरामद कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब के मोहाली से 11 लोग नैनादेवी के दर्शन के लिए आए थे।

यह भी पढ़ें:- Chhattisgarh Me Food Poisoning: छत्तीसगढ़ में फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं, एक की मौत, 45 की हालत गंभीर

सभी युवक दर्शन करने के बाद बाबा बालक नाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। इसी बीच बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। इसके बाद एक युवक गोबिंद सागर झील में नहाने उतरा, जो गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। उसे डूबता देख बाकी 6 युवक भी उसे बचाने के लिए झील में कूद गए। वहीं बारिश से इन दिनों झील में पानी ज्यादा है, जिसका वह अंदाजा नहीं लगा सके और सभी डूबने लगे। बाकी साथियों ने शोर मचाया। जिसके बाद आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्‌ठे हुए। स्थानीय तैराकों ने झील में डूबे युवकों को ढूंढने का प्रयास किया। शाम 6 बजे शवों को निकाला जा सका। डूबने वाले 6 युवक 16 से 19 साल के हैं, जबकि एक 32 साल का। ये सभी मोहाली जिले के साथ लगते इलाके बनूड के हैं। (Gobind Sagar jheel Hadsa)

हिमाचल के DSP हेडक्वार्टर कुलविंदर सिंह ने बताया कि डूबने वालों में पवन (35), रमन कुमार (19), लाभ सिंह (17), लखवीर सिंह (16), अरुण कुमार (14) और विशाल कुमार (18), शिवा (16) शामिल हैं। गोबिंद सागर झील में पंजाब या बाहरी राज्यों से आने वाले लोग नहाने के लिए उतरते हैं, लेकिन हादसे का शिकार हो जाते हैं। जून के महीने में भी यहां पर पंजाब से आए 2 युवक डूब गए थे। प्रशासन की ओर से गोबिंद सागर में उतरने पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके बाहरी राज्यों से आने वाले लोग पानी में उतर जाते हैं। बता दें कि बारिश की वजह से इन दिनों नदी नाले उफान पर हैं। ऐसे में लोगों और पयर्टकों को पानी वाले जगहों से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील की जाती है, लेकिन लोग नहीं मानते और हादसे का शिकार हो जाते हैं। (Gobind Sagar jheel Hadsa)

Back to top button
error: Content is protected !!