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राशिफल 4 अक्टूबर 2021 : क्या कहती हैं आपकी राशि, कैसा रहेगा आपका सोमवार का दिन, जानें अपना राशिफल

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आज का राशिफल एवं सरल उपाय : 4 अक्टूबर 2021, दिन-सोमवार। तिथि-त्रयोदशी। श्राद्ध त्रयोदशीतिथि। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी। चन्द्र राशी – सिंह। व्रत –प्रदोष  व्रत। कार्य सिद्ध सफल योग – निल तक। वर्षा योग – प्रबल वर्षा योग। मूल-नहीं। व्यतिपात—-नहीं । राशिफल – सर्व सफलता पूर्ण दिन – तुला, वृश्चिक राशि। सुख बाधक दिन–मकर,कन्या,वृष।

बुध कन्या में –प्रवेश

  1. अशुभ बुध राशियों हेतु – वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर, मीन राशी के लिएविघ्न, यात्रा में वृद्धिकरेगा।
  2. शुभ-सफलता, लंबित कार्य पूर्ण, विद्या, विवेक प्रतियोगिता में सफलता प्रद निम्न राशियों हेतु – मेष, मिथुन, सिंह, कुम्भ, वृश्चिक,धनु, राशी के लिए,समृद्धि एवं सफलता मिलेगी,सुखदसिद्ध होगा।

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राशिफल 4 अक्टूबर 2021

मेष राशि (Aries) – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ.

आपको अपने व्यापार अथवा कार्यालय में साधारण दिनों से अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। अनिद्रा की स्थिति एवं कार्य की चिंता भी हो सकती है। मानसिक रुप से आप थकान महसूस कर सकते हैं। अकर्मण्यता या आलस्य भी आप पर हावी हो सकता है। धार्मिक अनुष्ठान अथवा दान जैसा पुण्य कार्य मे सफलता मिल सकती है।

वृष राशि (Taurus) – , , , , वा, वी, वू, वे, वो.

आपको हानि हो सकती है। धन व्यय करने पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। निराशा जीवन को अकर्मण्य बना सकती है। व्यवहार मे विशेष सावधान रहें। आपकी सामाजिक अप्रतिष्ठा संभव है। कार्यालय ,दैनिक जीवन में अहम को ठेस पहुच सकती है।

मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, , , , के, को, ह.

परिवार के सदस्योंएवं मित्रों से  मेलमिलाप होगा |  पुराने मित्रों के साथ पुनर्मिलन के भी सुअवसर हैं । विवाहित व्यक्तियों के दाम्पत्य सुख की पूर्ण संभावना है। इस समय आपको सुस्वादु भोजन व घर में समस्त सांसारिक सुख मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा | इस पूरे काल में आप मानसिक रुप से प्रसन्न व शान्तचित्त रहेंगे। व्यापार के लिए लाभदायक विशेष  रहेगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े वर्ग के लिए उत्तम दिन है। अतिउत्साह एवं यात्रा के परिणाम मन के अनुकूल मिलना संदिग्ध है।

कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो.

सांसारिक व भौतिक सुख प्राप्त करने का है ।यदि आप कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं तो यही उपयुक्त समय है |सफलता निश्चित है। इस काल के अनुकूल होने के कारण आप व आपका परिवार सामान्य रुप से सुखी रहेंगे। यह समय आपके कार्यस्थल के लिए भी शुभ है। आप सम्मान, पदोन्नति एवम् प्रशंसा की आशा कर सकते हैं ।सामान्य तौर पर लोगों का व्यवहार सहयोगी या मित्रता पूर्ण नहीं रहेगा।

सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.

मन पसन्द इच्छित भोजन का आनन्द मिलने का योग है । आपको सुस्वादु मनचाहा भोजन, सुविधापूर्वक उपलब्ध होगा । आपको शारीरिक सुख-साधन, उत्तम वस्त्र व सुगंध तथा अन्य इच्छित सांसारिक वस्तुएं मिलेंगी। इस समय सर्वोत्तम मित्र व परिचित मिलेंगे । आपके पारिवारिक जीवन में भी आम दिनों की तुलना में अधिक आनन्द होगा । प्रेम या दाम्पत्य जीवन में आप अपने साथी के प्रेम में वृद्धि की आशा कर सकते हैं। सौभाग्य, सुख व सम्मान इस अवधि की विशेषता है। यात्रा एवं विवादस्पद प्रकरण में सावधानीउपयोगी रहेगी।

कन्या राशि (Virgo) – टो, , पी, पू, , , , पे, पो.

विशेष रुप से धन की हानि ,व्यय या विनियोजन के योग  है। अपने व्यय पर विशेष ध्यान देने रखें। आप लोगों से व्यवहार के प्रति विशेष सतर्क रहें। इन दिनों आप कोई परामर्श,बीच वचाव या विवाद में भी न पड़ें। व्यर्थ में झगड़े की संभावना है। असावधानी अहम को  ठेस पहुँचा सकती है। कार्यालय में बाधाएं आ सकती हैं | आप अविचलित रहें ,क्योंकि ये शीघ्र ही निकल जाएंगी।

तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते.

चन्द्रमा की गोचर गति लक्ष्यों की प्राप्ति व प्रयासों में सफलता दर्शा रही है। आपकी  ख्याति एवं यश,प्रतिष्ठा वृद्धि का समय हैं। यह दिन धन की दृष्टि से भी सौभाग्यपूर्ण है। बकाया राशि की प्राप्ति योग हैं। व्यवसाय मे धन/लाभ के अच्छे अवसर मिलने के योग हैं। प्रयास के परिणाम अपेकषा के अनुकूल ही रहेंगे। आर्थिक लाभ की आप आशा कर सकते हैं। घर के लिए भी यह समय सुख से परिपूर्ण है।

वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू.

यह माह का अच्छा समय है। यह समय इच्छापूर्त्ति, लक्ष्यप्राप्ति का है। सांसारिक व भौतिक सुख प्राप्त करने का है ।यदि आप कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं तो यही उपयुक्त समय है |सफलता निश्चित है। इस काल के अनुकूल होने के कारण आप व आपका परिवार सामान्य रुप से सुखी रहेंगे। यह समय आपके कार्यस्थल के लिए भी शुभ है। आप सम्मान, पदोन्नति एवम् प्रशंसा की आशा कर सकते हैं।

धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, , भी, भू, , , , भे.

कुछ मिले-जुले,सुख-दुख,सफलता-असफलता के परिणाम का दिन है। व्यापार  मे लाभप्रद लेन-देन सम्पन्न करने में कुछ कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यात्रा हेतु हरी झंडी मिलने से पहले आपको कुछ बाधाएं पार करनी होंगी। अपने कार्य इच्छानुसार पूरे न कर पाने के कारण आप मानसिक रुप से अशांत खिन्न रहने की तुलना मे पूर्व जन्म कृत स्व कर्म का भोग मान कर धैर्य रखिए। यात्रा,मतभेद,परामर्शअति आवश्यक होने पर ही करे।

मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी.

असुविधा,असहयोग,समन्वयहीन एवंअपेक्षा के विपरीत स्थिति का समय है। किसी शुभ समाचार की आशा मत कीजिए। सूचना भी सत्यता से परे हो सकती हैं, ध्यान नहीं देना चाहिए||यह रोजमर्रा के जीवन में परेशानियों व बाधाओं का दिन है। आर्थिक दृष्टि से भी यह काल लाभ पूर्ण नहीं है। आपको धन वसूली में कठिनाई आ सकती है। अपने उच्चाधिकारी से कार्यालय में या रोजगार स्थल पर किसी भी प्रकार की असहमति अथवा विवाद से बचें। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें। बाजार के काम, परामर्श देना ,यात्रा, नए कार्य प्रारंभ करना उचित नही होगा।

कुंभ राशि (Aquarius)– गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द.

मन की शान्ति होगी। आप स्वयं अपने आप में व परिवार के साथ, शान्ति सुख एवं प्रसन्न्ता अनुभव करेंगे। दिन कुल मिलाकर सुख से परिपूर्ण कहा जा सकता है। दांपत्य जीवन के सुख में वृद्धि होगी ।पुत्र एवं पुत्री के द्वारा पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। कार्यालय में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगे। व्यापार में लाभ की स्थिति रहेगी।

मीन राशि (Pisces) – दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची.

सफलता की संभावना प्रबल हैं। यह समय आपके लिए ,आपके प्रयासों एवं उपकार की प्रतिष्ठा व पहचान पाने का हो सकता है। आप शत्रुओं पर विजय पाएँगे। नए मित्र भी बनाएँगे। मित्रों से सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध सुख पूर्ण रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप नीरोग काया का आनन्द उठाएँगे। कुल मिलाकर इस अवधि में आप सफल एवं प्रसन्न रहेंगे।

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सुख,सफलता, समृद्धि वृद्धि के लिए  दान एवं मंत्र :

नक्षत्र अनिष्ट सुरक्षा उपाय : पूषा की पूजा करने पर विजय प्राप्त हो जाती है और

ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

“महान कीर्ति वाले इन्द्र हमारा कल्याण करो, विश्व के ज्ञानस्वरूप पूषादेव हमारा कल्याण करो। भोजन दान करना चाहिए |

 तिथि अनिष्ट सुरक्षा उपाय उपाय :

बैंगन भोजन वर्जित। आवला व्यंजन उत्पाद का प्रयोग नहीं करे। गुड़ भोजन में शामिल करे |

कार्य के पूर्व – कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या तथा उसकी सभी कामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

क्लीं कामदेवाय नमः” (सिंह, धनु, कुम्भ राशी वाले बाधा नाश के लिए अवश्य करें।)

सोमवार दिन के ग्रह दान एवं मंत्र–

शीशे में अपना चेहरा देखकर ,दूध पीकर किसी कार्य के लिए या कार्यस्थल के लिए निकले |

अनिष्ट नाशक एवं सफलता के उपाय- कुंडली में,दशा –अन्तर्दशा में होने पर,अशुभ भाव में होने पर   दोष के  अनिष्ट नाश हेतु अथवा चन्द्र ग्रह की प्रसन्नता / कृपा के लिए उपाय – किसी भी मन्त्र के अंत में अवश्य कहे- *सर्व सिद्धिम,सफलताम च सर्व वान्छाम पूरय पूरय में नम: / स्वाहा।

आरोग्य सुख,सौभाग्य वृद्धि के लिए

  1. स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल,पंचगव्य ,दूध सफेद चंदन, गोमूत्र, मिला कर स्नान करे।
  2. बाधा मुक्ति के लिए दान – चावल,श्वेत पुष्प।जल दान –किसी भी कन्या को या सफ़ेद गाय, शिव मंदिर मे करे।
  3. घर से प्रस्थान पूर्व खाएं–खीरया दूध चावल, दूध।
  4. दिन दोष उपाय- दर्पण मे मिरर मे मुह देख कर प्रस्थान करे।

आज के देव एवं  मंत्र- चंद्र देव एवं शिव की पूजा करे।

ओम अमृत अंगाय विद्महे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमःप्रचोद्यात्।|

आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे सावदोम  |

जैन धर्म का मंत्र-

ऊँ नमोर्हते भवते श्रीमते चन्द्रप्रभु तीर्थंकराय विजय यक्षज्वाला-मालिनीयक्षीसहिताय ऊँ आं क्रौं ह्रीं ह्यः

सोम महाग्रह! मम दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं |सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा। ॐ ह्रीं सोम ग्रह अरिष्ट निवारक-श्री चन्द्र प्रभु जिनेन्द्राय नम: |सर्व शांतिं कुरुकुरु स्वाहा।मम (अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

या

रोहिणीश: सुधा‍मूर्ति: सुधागात्र: सुधाशन:।विषमस्थानसम्भूतां पीडां हरतु मे विधु:

(दक्षकन्या  रूपा देवी रोहिणी के स्वामीअमृतमय स्वरूप वालेअमतरूपी शरीर वाले

तथा अमृत का पान कराने वाले चंद्रदेव विषम स्थानजनित मेरी पीड़ादूर करें ।।)

(राशिफल 4 अक्टूबर 2021)

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