India China defense talks : राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में आतंकवाद पर दिखाया सख्त रुख, पाकिस्तान-चीन को घेरा, संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर से इंकार

India China defense talks : नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के क़िंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद को लेकर भारत का सख्त रुख रखा। उन्होंने आतंकवाद को ‘राज्य नीति के उपकरण’ के रूप में इस्तेमाल करने की कड़ी आलोचना की और पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष हमला बोला। भारत ने आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कमजोर रुख के कारण SCO के संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि “कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने हालिया पहलगाम हमले और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के किसी भी रूप को उचित नहीं ठहराया जा सकता और आतंक के समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाना आवश्यक है। (India China defense talks)
बैठक में भारत का संयुक्त विज्ञप्ति पर हस्ताक्षर से इनकार करना बहुपक्षीय मंचों पर स्वतंत्र रुख का हिस्सा है। भारत ने इससे पहले 2023 के SCO शिखर सम्मेलन में भी चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और ब्रिक्स करेंसी बास्केट प्रस्तावों का विरोध किया था। इस बार संयुक्त बयान पर असहमति के कारण SCO ने कोई साझा बयान जारी नहीं किया। (India China defense talks)
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से मुलाकात नहीं की। उन्होंने SCO मंच पर यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के प्रति सहनशीलता या दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि SCO को आतंक का समर्थन करने वाले देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
राजनाथ सिंह की चीन यात्रा के दौरान चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। दोनों देशों ने सैन्य संचार को फिर से मजबूत करने और गलवान घाटी संघर्ष के बाद संबंध सुधारने पर चर्चा की। (India China defense talks)



