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भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया का खतरा, 35 से ज्यादा बच्चे बीमार, 2 ICU में, नल से गंदा पानी आने की शिकायत

Jaundice in Bhilai: भिलाई के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब तक क्षेत्र में 35 से ज्यादा बच्चों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है, जबकि आधिकारिक तौर पर 23 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। इनमें ज्यादातर 12 से 18 साल के बच्चे और किशोर शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 5 मरीजों में पीलिया की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 2 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में रखा गया है। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पीलिया फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सेक्टर-7 पहुंची। जिला नोडल अधिकारी सी.बी.एस. बंजारे और एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम ने सड़क नंबर 37A, 37B और 37C में घर-घर सर्वे किया।

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जांच के दौरान 10 में से 5 घरों में पीलिया के मरीज मिले, जिनमें एक मरीज का बिलीरुबिन स्तर 11.4 पाया गया, जिसे तत्काल भर्ती की सलाह दी गई। पूरे इलाके के लोगों के सैंपल लेने के निर्देश जारी किए गए हैं और पिछले तीन दिनों से लगातार पानी के सैंपल की जांच की जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पीलिया गंदे पानी, बाहर के खाने या अस्वच्छ खानपान से हो सकता है और जांच रिपोर्ट के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा, लेकिन स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने गंदे पानी की सप्लाई को मुख्य वजह बताया है। नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू के मुताबिक इलाके में 50-60 साल पुरानी पाइपलाइन है। कई जगह सीवरेज जाम है। इससे गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है। (Jaundice in Bhilai)

स्वास्थ्य प्रभारी ने बताया कि सड़क नंबर 37 से 40 तक पानी की समस्या गंभीर है और इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने हालात को बेहद गंभीर बताया है। लोगों के अनुसार पानी में कीड़े, मिट्टी और बदबू आ रही है। कई घरों में पेट दर्द, बुखार और लूज मोशन की शिकायत है। मजबूरी में लोग बाहर से RO और जार का पानी खरीदकर पी रहे हैं। एक निवासी ने बताया कि पिछले 10-15 दिनों में समस्या बहुत बढ़ गई, जिससे बच्चों में बीमारी तेजी से फैली है। भिलाई के सेक्टर इलाके भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) टाउनशिप के अंतर्गत आते हैं, जहां पानी की सप्लाई BSP की ओर से की जाती है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग लगातार BSP अधिकारियों के संपर्क में हैं। BSP ने भी पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। जनप्रतिनिधियों ने पाइपलाइन सुधार और वाटर ATM लगाने की मांग की है। (Jaundice in Bhilai)

अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश बच्चों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कुछ का इलाज घर पर ही चल रहा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों से अपील की गई है कि पानी उबालकर ही पिएं। खुला और बाहर का खाना न खाएं। बुखार, कमजोरी या पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के बढ़ते मामलों ने साफ पानी की समस्या को उजागर कर दिया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीमारी का असली कारण क्या है, लेकिन फिलहाल गंदे पानी की सप्लाई सबसे बड़ा संदेह बनी हुई है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और साफ-सफाई के साथ सुरक्षित पानी के उपयोग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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