काम की खबर: अब महंगा पड़ सकता है Swiggy और Zomato का खाना, जानिए वजह? 

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न्यूज डेस्क 
कोरोना काल में आम लोगों को ऑनलाइन फूड डिलीवरी से बेहद राहत मिली। आज पूरे देश में जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने लोगों के किचन में पकड़ बना ली है। स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं हैं या फिर ऑफिस में काम करने वाले लोग सभी के लिए ऑनलाइन फूड एक बड़ी जरूरत बन गया है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी महंगी हो सकती है।

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मिली जानकारी के मुताबिक GST काउंसिल की बैठक में इस पर विचार किया जा रहा है। GST कमेटी ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप्स को कम से कम 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में लाने की सिफारिश की है। साफ है कि अगर ऐसा होता है तो फिर स्विगी और जोमेटो से खाना मंगवाना महंगा पड़ सकता है।

2 हजार करोड़ GST घाटे का अनुमान 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019-20 और 2020-21 में दो हजार करोड़ रुपये के जीएसटी घाटे का अनुमान लगाया है। फिटमेंट पैनल ने सिफारिश करी है कि फूड एग्रीगेटर्स को ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के रूप में वर्गीकृत करा जाए। जीएसटी परिषद इस पर विचार करेगी। कमेटी ने फूड डिलीवरी एप्स को कम से कम पांच फीसदी जीएसटी के दायरे में लाने की सिफारिश करी है। ऐसे में ग्राहकों को खाना मंगाना महंगा पड़ सकता है। जेब काफी ढीली करनी पड़ेगी।

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ऐसे रेस्तरां की ओर से जीएसटी भुगतान तय करा जाए। कई रेस्तरां जीएसटी का भुगतान नहीं कर रहे हैं। वहीं कुछ अभी तक पंजीकृत नहीं हैं। रेट फिटमेंट पैनल का सुझाव है कि यह बदलाव आगे एक जनवरी 2022 से प्रभावी करा जाए।