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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेलिंग की खुली पोल, स्वदेशी ताकत बनी भारत की ढाल 

Operation Sindoor First Anniversary: राजस्थान की राजधानी जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान को लेकर बड़ा संदेश दिया। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने दावा किया कि नियंत्रण रेखा पर हुई कार्रवाई में पाकिस्तान ने 100 से ज्यादा सैनिक गंवाए, जबकि भारतीय सेना और वायुसेना ने मिलकर 9 सटीक स्ट्राइक कर पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह किया। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि पाकिस्तान भारत को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाया, वहीं नौसेना के वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग की पोल खोल दी।

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लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि अनजाने में ही उनकी सम्मान और पुरस्कारों की सूची, जो इंटरनेट पर जारी हुई थी, उससे हमें पता चला कि उनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर हुई झड़पों में उन्हें जो नुकसान उठाना पड़ा, उसमें उन्होंने 100 से ज्यादा सैनिक खो दिए। अगर पाकिस्तानी अपनी लड़ाई लड़ने की क्षमता में उतना ही निवेश करते, जितना वे अपनी कहानी गढ़ने में करते हैं तो मुझे लगता है कि वे कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते। यह एक ऐसी सलाह है जिसे वे मान सकते हैं। घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भी तीनों सेनाओं का एक संयुक्त प्रयास था। इसने जमीन, हवा और समुद्री क्षमताओं को साझा स्थितिगत जागरूकता, एक समान ऑपरेशन और खुफिया जानकारी और वास्तविक समय में निर्णय लेने की क्षमता के साथ एकीकृत किया। कुल 9 ‘स्टैंडऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक’ की गईं, जिनमें से 7 भारतीय सेना ने और 2 भारतीय वायु सेना ने की। (Operation Sindoor First Anniversary)

उन्होंने बताया कि इन स्ट्राइक्स का समय एकदम सटीक था, इन्होंने पूरी तरह से चौंका दिया और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू और कश्मीर के अंदरूनी इलाकों तथा पाकिस्तान के मुख्य भूभाग में स्थित हर स्थापित ठिकाने को अधिकतम नुकसान पहुंचाया। इसके ज़रिए यह संदेश दिया गया कि अब कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि पाकिस्तान हमारी तरफ कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। न तो कोई सैन्य ढांचा और न ही ज्यादातर नागरिक इमारतें। वे चाहे कुछ भी कहें, याद रखें कि किस्से-कहानियां और बयानबाजी आपको जीत नहीं दिलाते। जीत का पैमाना तो ठोस तथ्य होते हैं। एयर मार्शल भारती ने कहा कि आज पहलगाम के उस भयानक नरसंहार को 1 साल और 15 दिन बीत चुके हैं और ठीक एक साल पहले ही हमारे पहले हथियारों ने अपने लक्ष्य को भेदा था। पहलगाम की घटना अपने आप में एक ऐसी घटना है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए या जिसे जितना भी नकारा जाए, वह कभी भी काफी नहीं होगा। 

भारती ने आगे कहा कि हम अपने उन देशवासियों को वापस नहीं ला सकते, जिनका 22 अप्रैल 2025 को बड़ी बेरहमी से नरसंहार किया गया था, लेकिन हम निश्चित रूप से यह संकल्प ले सकते हैं कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जो अभी रुका हुआ है, इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक प्रयास है। अनादि काल से, हम ‘जियो और जीने दो’ के सरल दर्शन के साथ जीते आए हैं। लेकिन जब शांति की हमारी इच्छा को हमारी कमज़ोरी मान लिया जाता है और हमारी चुप्पी को हमारी अनुपस्थिति समझा जाता है, तो फिर कार्रवाई करने के अलावा हमारे पास कोई और विकल्प नहीं बचता। जब हम कार्रवाई करते हैं, तो वह अधूरी नहीं होती। वह निर्णायक होती है, वह घातक होती है और वही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रूप ले लेती है। वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि पाकिस्तान के दिल में मौजूद आतंकी ठिकानों पर लंबी दूरी के सटीक हथियारों से हमला करके, भारत ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग की पोल खोल दी। हाल के संघर्षों में मानवरहित और स्वायत्त प्रणालियों का बढ़ता महत्व, हमारी युद्धक संरचनाओं में इनके तेज़ी से एकीकरण की आवश्यकता को और मजबूत करता है। 

वाइस एडमिरल ने कहा कि हमारा प्रयास इन विशेष क्षमताओं को शामिल करने और दुश्मन से आगे रहने के लिए अपनी युद्धक रणनीतियों की लगातार समीक्षा करने पर केंद्रित है। विमानवाहक पोत ‘विक्रांत’, ‘कोलकाता’ और ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी के विध्वंसक जैसे स्वदेशी जहाज़ों के प्रदर्शन ने स्वदेशी क्षमताओं, गहरे समुद्र में युद्ध की तैयारी और एकीकृत युद्ध-कौशल में भारतीय नौसेना के निवेश को सही साबित किया। इस प्रकार ‘आत्मनिर्भरता’ को युद्धक सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में पुनः स्थापित किया। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेनाओं ने साफ संदेश दिया है कि आतंक और उकसावे का जवाब अब सिर्फ चेतावनी से नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई से दिया जाएगा। सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त ताकत ने यह साबित कर दिया कि भारत अब हर मोर्चे पर जवाब देने में सक्षम है और अगर देश की सुरक्षा पर खतरा आया तो जवाब भी सटीक होगा और असर भी घातक। (Operation Sindoor First Anniversary)

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