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13 साल में सुवेंदु अधिकारी के 3 करीबी लोगों की मौत, चंद्रनाथ हत्याकांड से उठे नए सवाल, प्रोफेशनल शूटरों पर हत्या का शक

Suvendu PA Murder Case: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। शुरुआती जांच में दावा किया जा रहा है कि यह हत्या पूरी साजिश के तहत करवाई गई और इसमें सुपारी किलर्स या प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। घटना के बाद बंगाल में चुनाव बाद हिंसा और राजनीतिक टकराव की आशंका फिर गहरा गई है। पुलिस और CID की कई टीमें जांच में जुटी हैं। अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसी बीच हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक भी बरामद कर ली गई है। यह बाइक बारासात के 11 नंबर रेल गेट इलाके से मिली, जिसे पहले दमदम क्षेत्र से चोरी किया गया था।

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दरअसल, 42 साल के चंद्रनाथ रथ बुधवार रात करीब 10:30 बजे कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे। वह स्कॉर्पियो में ड्राइवर के साथ सफर कर रहे थे। मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास एक कार ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक दिया। इसके तुरंत बाद बाइक सवार हमलावर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने चंद्रनाथ के सीने में दो और पेट में एक गोली मारी। बताया जा रहा है कि कुल 6 से 10 राउंड फायरिंग की गई। वारदात के बाद आरोपी कार छोड़कर दो अलग-अलग रास्तों से बाइक पर फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि कार की नंबर प्लेट फर्जी थी और चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। (Suvendu PA Murder Case)

पुलिस को शक है कि हमले में मॉडर्न ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल हुआ, जिसे आम अपराधी इस्तेमाल नहीं करते। इसी वजह से जांच एजेंसियां प्रोफेशनल शूटर एंगल पर गंभीरता से काम कर रही हैं। पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बरामद वाहनों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि गोलीबारी के समय उनकी चंद्रनाथ से फोन पर बातचीत चल रही थी। उन्होंने बताया कि दोनों शपथ ग्रहण समारोह और गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर चर्चा कर रहे थे। घोष के मुताबिक अचानक फोन पर गोलियों जैसी आवाज सुनाई दी, फिर कराहने की आवाज आई और कॉल कट गया। उन्होंने कई बार दोबारा कॉल किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। बाद में एक अनजान व्यक्ति ने फोन उठाकर बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है।

13 साल में सुवेंदु के 3 करीबी लोगों की मौत

यह पहला मामला नहीं है, जब सुवेंदु अधिकारी के किसी करीबी की असामान्य परिस्थितियों में मौत हुई हो। 2013 में उनके निजी सहायक प्रदीप झा की मौत हुई थी, जिसे जांच में सामान्य माना गया। 2018 में उनके पीएसओ शुभव्रत चक्रवर्ती मृत पाए गए थे। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। 2021 में उनके एक और सहयोगी पुलक लाहिड़ी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। अब चंद्रनाथ रथ की हत्या ने इन घटनाओं को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। (Suvendu PA Murder Case)

कौन थे चंद्रनाथ रथ

चंद्रनाथ रथ पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम के रहने वाले थे और मध्यमग्राम में किराए के मकान में रहते थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से पढ़ाई की थी। बाद में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत एयरफोर्स अफसर बने। VRS लेने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया और फिर राजनीति में आ गए। जब सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे, तभी से चंद्रनाथ उनके साथ जुड़े हुए थे। बाद में सुवेंदु के भाजपा में आने पर वे भी भाजपा के लिए काम करने लगे। चंद्रनाथ को सुवेंदु का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। वे शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल छवि के लिए जाने जाते थे। उन्होंने शादी नहीं की थी और परिवार में उनकी मां ही हैं। इस हत्याकांड के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया है। भाजपा लगातार कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, जबकि पुलिस सभी एंगल से जांच करने का दावा कर रही है।

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