पाकिस्तान ने की कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका से दखल देने की मांग, तुर्किये ने कहा- हर हाल में पाक का देंगे साथ

Pakistan on Kashmir Issue: पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका को दखल देने की मांग की है। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद ने यह मांग की है। तुर्किये के चैनल TRT में राजदूत ने कहा कि कश्मीर ही दोनों देशों के बीच विवाद की जड़ है। कश्मीर मुद्दा अगर हल नहीं हुआ तो यह दोनों देशों के संबंधों पर असर डालता रहेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम अभी नाजुक बना हुआ है। राजदूत ने सीजफायर के लिए अमेरिका का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही वॉशिंगटन से कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में भूमिका निभाने के लिए भी कहा।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की इच्छा के मुताबिक जम्मू-कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण हल का समर्थन किया है। इसके साथ ही पाकिस्तान विदेश कार्यालय यानी PFO ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हालिया युद्धविराम के बाद आने वाले दिनों में भारत की कार्रवाइयों पर बारीकी से नजर रखने की अपील की है। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका से भारतीय आक्रामकता को रोकने और UN के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाने की मांग की थी। (Pakistan on Kashmir Issue)
UN ने विवादित मुद्दों को हल करने कहा
वहीं संयुक्त राष्ट्र यानी UN ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान में सीजफायर कायम हैं। UN ने दोनों देशों को अपने विवादित मुद्दों को हल करने के लिए कहा है। UN महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही है। इधर, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश को भारत के हमले के प्रति सतर्क रहने के लिए कहा है। पूर्व PM इमरान की बहन अलीमा ने बताया कि उन्होंने जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात की। इस दौरान इमरान ने कहा कि देश को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि मोदी बदला जरूर लेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री ने सेना की कार्रवाई को देश का मनोबल बढ़ाने वाला बताया है। (Pakistan on Kashmir Issue)
पूर्व PM इमरान ने देशवासियों को दी सलाह
पूर्व PM इमरान ने कहा कि न सिर्फ इससे देश का मनोबल बढ़ा है, बल्कि सलाखों के पीछे बंद लोगों का मनोबल भी बढ़ा है। पाकिस्तान के फॉरेन ऑफिस ने PM नरेंद्र मोदी के आदमपुर एयरबेस पर दिए भाषण पर आपत्ति जताई है। PFO ने कहा कि मोदी की बातों में गलत जानकारी, राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश और अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी साफ दिखती है। भारतीय PM के बयान बताते हैं कि उन्होंने अपने हमलों को सही ठहराने के लिए झूठी कहानियां गढ़ी हैं। पाकिस्तान संघर्ष विराम के समझौते का पालन कर रहा है और तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। (Pakistan on Kashmir Issue)
पाक ने PM मोदी के भाषण को बताया भड़काऊ
PFO के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के भड़काऊ भाषण पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और ज्यादा अस्थिर बना सकते हैं। वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि भारत के हमले ने पाकिस्तानी लोगों को एकजुट किया है। पाकिस्तान, भारत की दुश्मनी का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार है। राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी हमले को नाकाम करने के लिए हमेशा तैयार हैं। अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता पर हर हमले का वे करारा जवाब देंगे। पाकिस्तान की जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल पार्टी की नेता और कट्टरपंथी मौलाना फजलुर रहमान ने PM मोदी से इस्तीफा देने की मांग की है। मौलाना ने कहा कि पाकिस्तान से हार के बाद मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए। (Pakistan on Kashmir Issue)
हमेशा पाकिस्तान का साथ देंगे: तुर्किये के राष्ट्रपति
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एर्दोगान ने फिर कहा कि तुर्की अच्छे और बुरे दोनों समय में पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा। एर्दोगान ने पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ की सोशल मीडिया पोस्ट पर यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को अटूट बताया है। वहीं राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का था, है और रहेगा। PoK हमारा है और इस पर कोई दो राय नहीं है। चाहे वह जम्मू-कश्मीर हो या PoK, हमने इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी स्वीकार नहीं किया और न ही कभी स्वीकार करेंगे। (Pakistan on Kashmir Issue)



