Google Analytics —— Meta Pixel

Snake awareness in Chhattisgarh : कौन सा सांप सबसे जहरीला होता है? विद्यार्थियों ने कहा- कोबरा, विज्ञान सभा ने बताया करैत

Snake awareness in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़-उड़ीसा सीमा के सुदूरवर्ती जंगल क्षेत्र स्थित शासकीय मिडिल स्कूल एवं प्राथमिक विद्यालय खैरट कला में शाला विकास प्रबंधन समिति के सहयोग से बरसात के दिनों में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम ने विद्यार्थियों को सांपों के बारे में रोचक एवं वैज्ञानिक जानकारी दी।

इस अवसर पर शासकीय मिडिल स्कूल कसेकेरा के प्रधान अध्यापक डॉ. विजय शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के महत्व को रेखांकित किया।

विज्ञान सभा अध्यक्ष विश्वास मेश्राम ने बताया कि भारत में सांपों को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है—विषहीन और विषैले। उन्होंने चार प्रमुख विषैले सांपों के व्यवहार, अनुकूलन, लक्षण, और उनके काटने के तरीके की जानकारी देते हुए बताया कि करैत का विष ‘न्यूरोटॉक्सिक’ होता है जो नाग सांप के विष से भी अधिक घातक होता है।

उन्होंने सर्पदंश से बचाव के उपाय भी बताए। जैसे घर के आसपास सफाई रखना, मच्छरदानी का प्रयोग, अंधेरे में टॉर्च लेकर चलना, पूर्ण बाजू के कपड़े पहनना, और ज़मीन पर न सोना आदि।

सांप के काटने की स्थिति में बिना समय गंवाए व्यक्ति को चार पहिए वाहन या 108 एंबुलेंस सेवा के ज़रिए अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि झाड़-फूंक जैसे अवैज्ञानिक उपायों में समय गंवाना जानलेवा हो सकता है। समय पर अस्पताल पहुंचने से डॉक्टरी निगरानी में एंटी स्नेक वेनम देकर मरीज की जान बचाई जा सकती है।(Snake awareness in Chhattisgarh)

मेश्राम ने बताया कि हर साल भारत में लगभग 50,000 लोग सर्पदंश से मरते हैं, लेकिन जनजागरूकता के जरिए इन मौतों की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।(Snake awareness in Chhattisgarh)

प्रधान अध्यापक डॉ. विजय शर्मा ने पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण हेतु कसेकेरा पहाड़ी पर स्कूल द्वारा चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और विज्ञान आश्रम कसेकेरा की लाइब्रेरी सुविधा एवं करियर गाइडेंस का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बच्चों से एक-एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

शासकीय मिडिल स्कूल खैरट कला की प्रधान पाठिका श्रीमती ध्रुव ने विज्ञान सभा द्वारा किए जा रहे सर्पदंश जागरूकता अभियान की सराहना की और ग्रामवासियों व विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। (Snake awareness in Chhattisgarh)

यह भी पढ़ें: Chhattisgarh liquor scam : 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में चालान, 2,161 करोड़ रुपये के घोटाले में निभाई अहम भूमिका

Back to top button
error: Content is protected !!