विश्व मच्छर दिवस आज, जानें क्यों और किसकी याद में मनाया जाता है ये दिन

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न्यूज़ डेस्क

मच्छर एक बहुत ही हानिकारक जीवाणु है। मच्छर के काटने से अनेको तरह के रोग होने की संभावना रहती है। जिसके चलते हमे इनसे अपना बचाव करना जरूरी होता है। अन्यथा हमे इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ते है। खासकर बरसात के दिनों में ज्यादातर मच्छर पनपते है। जिसके चलते हमे अपने आस-पास सफाई रखनी चाहिए।

इसी के चलते हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य ब्रिटिश डॉक्टर, सर रोनाल्ड रॉस को याद करना है। यह दिन लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों और उनसे कैसे बचा जाए के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। मलेरिया के कारणों और इसे कैसे रोका जा सकता है, इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है।

विश्व मच्छर दिवस इतिहास

यह दिन ब्रिटिश डॉक्टर, सर रोनाल्ड रॉस को याद करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने 1897 में यह पता लगाया था कि मादा मच्छर मनुष्यों के बीच मलेरिया फैलाती है। इन्होने मच्छर और मलेरिया के बीच बीच एक लिंक देखा था। विश्व मच्छर दिवस 2021 की थीम ‘रीचिंग द जीरो मलेरिया टारगेट’ है। रोनाल्ड रोस और उनकी टीम की इस रिसर्च को देखते हुए लंदन के हाइजीन और ट्रोपिकल मेडिसिन ने 20 अगस्त को हर साल विश्व मच्छर दिवस मनाने की घोषणा की थी। America Mosquito Control Association के मुताबिक हर साल दुनियाभर में मच्छर के काटने से 1 मिलियन से अधिक लोगों की मौत होती है। वही WHO के अनुसार, हर साल मच्छरों के काटने से 400,000 से अधिक मौतें होती है। UNICEF की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व की 40 प्रतिशत जनसंख्या उन इलाकों में रहती है, जहां मलेरिया होने का खतरा सबसे अधिक है।

मच्छर काटने से हर साल होती है इतनी मौतें 

आपको बता दें मछर यह एक आम जिव है लेकिन यह हमारे लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि अमेरिकी मच्छर नियंत्रण संघ के मुताबिक हर साल पूरी दुनिया में मच्छर के काटने की वजह से 1 मिलियन से अधिक लोगों की मौत होती है। UNICEF के एक रिपोर्ट के अनुसार यह बात सामने आयी है कि पूरी दुनिया भर की 40 प्रतिशत की जनसंख्या ऐसे इलाके के में रहते है जहां मलेरिया होने का खतरा सबसे अधिक होता है।

मच्छर से जुड़े कुछ खास तथ्य

1. आपको बता दें कि एनोफिलीज मच्छरों की लगभग 40 प्रजातियां है।

2. यही वो मच्छर होते है जो इंसान में मलेरिया बीमारी पैदा करते है।

3. यह मच्छर ज्यादातर सुबह के समय ही काटते है।

4 . एडीज एजिप्टी इस प्रजाति का मच्छर एक वर्ष से अधिक समय तक बिना पानी पिए जीवित रह सकता है।

5 . अगर मछर से खुदको काटने से बचना है तो मच्छरदानी एक बेहतर उपाय है।

6 . दरसल हमें जो मच्छर कटे है वह मादा होती है, क्योंकि मादा मच्छर को अंडे के उत्पादन के लिए रक्त की जरूरत होती है।

7. इसके विपरीत नर मच्छर फूल अमृत या चीनी स्त्रोंतो पर जिंदा रहते है।

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