Naxal Encounter in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कमर टूटी, अबूझमाड़ मुठभेड़ में 6 माओवादी मारे गए
AK-47, SLR सहित भारी मात्रा में हथियार और सामग्री बरामद; अभियान जारी
Naxal Encounter in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र सीमा से लगे घने जंगलों में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ (Naxal Encounter in Chhattisgarh) में सुरक्षाबलों ने छह माओवादियों को मार गिराया। सूत्रों के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में शीर्ष कमांडर भी शामिल हो सकता है।
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान AK-47 और SLR राइफलें, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, दैनिक उपयोग के सामान और छह शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों का ऑपरेशन अभी भी जारी है।
कैसे शुरू हुआ अभियान
अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों की सक्रियता की सूचना पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। दोपहर से लगातार रुक-रुक कर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मारे गए माओवादियों की पहचान और संगठन में उनकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है।
बीते महीनों में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी सफलता मिलती रही है। हाल के प्रमुख घटनाक्रम:
5 जनवरी – अबूझमाड़ में महिला नक्सली सहित 5 माओवादी ढेर
12 जनवरी – बीजापुर के मद्देड़ इलाके में 5 नक्सली मारे गए
16 जनवरी – बीजापुर (पुजारी कांकेर और मारुड़बाका) में 18 नक्सली ढेर
21 जनवरी – गरियाबंद जिले में 14 माओवादी मारे गए
2 फरवरी – बीजापुर के तोड़का जंगल में 8 नक्सली मारे गए
9 फरवरी – इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में 31 नक्सली ढेर
20 मार्च – बीजापुर व कांकेर में 30 माओवादी मारे गए
25 मार्च – दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर, इनमें इनामी नक्सली सुधाकर शामिल
29 मार्च – दंतेवाड़ा के केरलापाल इलाके में 17 नक्सली मारे गए, जिनमें 25 लाख का इनामी और झीरम हमले का आरोपी ‘जगदीश उर्फ बुधरा’ भी शामिल था
बीजापुर मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी नक्सली ढेर
बीते सप्ताह बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में एक और अहम मुठभेड़ (Naxal Encounter in Chhattisgarh) में सुरक्षा बलों ने 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली सोढ़ी कन्ना को मार गिराया। बताया जा रहा है कि वह नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी का स्नाइपर था और कई बड़ी घटनाओं में वांछित था।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की आक्रामक रणनीति और लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशनों ने वर्ष 2025 को नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक बना दिया है। अबूझमाड़ से लेकर बीजापुर और दंतेवाड़ा तक एक के बाद एक सफल ऑपरेशनों ने माओवादियों की कमर तोड़ दी है, और यह साफ संकेत है कि सरकारी सुरक्षा एजेंसियां निर्णायक दौर में पहुंच चुकी हैं।



