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शशि थरूर बोले: देश पहले, दल बाद में – राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार और सेनाओं के साथ

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के वरिष्ठ सदस्य और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शनिवार को एक निजी कार्यक्रम में कहा कि “राष्ट्र सर्वोपरि है, जबकि राजनीतिक पार्टियां देश को बेहतर बनाने का एक माध्यम मात्र हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी पार्टी का उद्देश्य एक बेहतर भारत का निर्माण होना चाहिए और विभिन्न पार्टियों को उस लक्ष्य तक पहुंचने के तरीकों पर असहमति का अधिकार है।

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“सशस्त्र बलों और सरकार का समर्थन करता रहूंगा”

थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि वह अपने उस रुख पर कायम हैं, जिसमें उन्होंने हाल ही की घटनाओं के संदर्भ में भारत की सशस्त्र सेनाओं और सरकार का समर्थन किया था।

उन्होंने कहा:- “बहुत से लोग मेरी आलोचना करते हैं क्योंकि मैंने हाल में जो घटनाएं हुईं, उनके बाद सशस्त्र बलों और सरकार का समर्थन किया है। लेकिन मैं यह मानता हूं कि यह देश के हित में है।

“भारत की बात करता हूं, सिर्फ पार्टी समर्थकों की नहीं”

शशि थरूर ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा: “अगर भारत मर गया तो कौन बचेगा?” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम लोगों से अपील की कि जब देश खतरे में हो, तब “मतभेदों को किनारे रखकर” राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।

“जब मैं भारत की बात करता हूं, तो मेरा आशय सभी भारतीयों से होता है, न कि केवल उन लोगों से जो मेरी पार्टी को पसंद करते हैं।”

“राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए राजनीतिक सहयोग ज़रूरी”

थरूर ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में राजनीति अक्सर प्रतिस्पर्धा पर आधारित होती है, जिससे सहयोग की भावना में कमी आती है। उन्होंने स्पष्ट किया:

“जब मैं कहता हूं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें अन्य पार्टियों से सहयोग करना चाहिए, तो कई बार इसे विश्वासघात माना जाता है – और यही सबसे बड़ी समस्या बन जाती है।”

राजनीति पर नहीं, विकास और सद्भाव पर दिया भाषण

जब थरूर से पूछा गया कि क्या उन्हें कांग्रेस आलाकमान से कोई समस्या है, तो उन्होंने कहा कि वे उस कार्यक्रम में राजनीतिक बयानबाज़ी करने नहीं, बल्कि विकास, व्यवसाय, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव जैसे विषयों पर भाषण देने आए थे।

“मेरे राजनीतिक जीवन के 16 वर्षों में समावेशी विकास ही मेरा मूलमंत्र रहा है। मैं समावेशिता, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा – तीनों में विश्वास करता हूं।”

मतदाता सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया

हाल में वायरल हुए एक मतदाता सर्वेक्षण पर पूछे गए सवाल पर थरूर ने साफ किया कि उन्हें नहीं पता यह सर्वे किसने कराया। उन्होंने बस किसी के भेजे गए संदेश पर सैल्यूट इमोजी के ज़रिए प्रतिक्रिया दी थी। मैंने उस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, और न ही मैं करना चाहता हूं।

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