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तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी के. कविता को भी शराब घोटाला मामले में राहत, CBI जांच पर उठे सवाल

Clean Chit to Kavitha: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी और जागृति की अध्यक्ष के. कविता समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। फैसले के बाद कविता ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताते हुए न्यायपालिका का आभार जताया और कहा कि सत्य को छिपाया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता। वहीं उनके परिजनों और समर्थकों ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया। कोर्ट से फैसला आने के बाद उनके समर्थक आवास पहुंचे और जमकर नारा लगाया। इस दौरान कविता ने अपने समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने कहा कि फैसला आते ही मैंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया। इस मुश्किल घड़ी में मेरा साथ देने वाले सभी लोगों के प्रति मैं हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। जय तेलंगाना। उन्होंने आगे कहा कि मैंने सौ बार कहा है कि हमारा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला है। राजनीतिक प्रतिशोध के तहत, यह मामला विपक्षी दलों पर थोपा गया है और मैं न्यायपालिका की आभारी हूं कि उन्होंने देश की न्यायपालिका में हमारे विश्वास को कायम रखा है। आज न्यायपालिका ने झूठ के इस पूरे जाल को ध्वस्त कर दिया है। मैं उन सभी की बहुत आभारी हूं, जो उस कठिन परिस्थिति में मेरे साथ खड़े रहे। सत्य की जीत हुई है। सत्य को छिपाया जा सकता है, लेकिन उसे कभी हराया नहीं जा सकता।

राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला: कविता 

उन्होंने कहा कि न केवल मैं, बल्कि स्वयं केसीआर गारू ने भी बार-बार कहा है कि यह बीआरएस और केसीआर गारू के खिलाफ प्रतिशोध है, जिसका असर कविता पर पड़ा है। मैंने कहा है कि यह एक झूठा मामला है, राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला है। मेरे बच्चों के साथ बिताए समय के लिए कौन जवाबदेह होगा ? मेरे परिवार के साथ बिताए समय के लिए कौन जवाबदेह होगा ? के. कविता के बेटे देवनपल्ली अनिल आदित्य ने कहा कि बेहद खुशी हुई। यह एक बेहद राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला था और आखिरकार इसका अंत हो गया है। हम हमेशा से यह जानते थे और तेलंगाना के लोग भी हमेशा से यह जानते थे और अब न्यायिक अदालतों ने भी यही मांग की है। सत्यमेव जयते। (Clean Chit to Kavitha)

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी स्वतः ही खारिज: वकील 

के. कविता के वकील नितेश राणा ने कहा कि अदालत ने आज सभी आरोपियों को इस आधार पर बरी कर दिया है कि सीबीआई की जांच अच्छी नहीं थी, और ऐसे कोई सबूत नहीं थे जिनके आधार पर आरोप तय किए जा सकें। मैंने इस मामले में के. कविता और अरुण पिल्लई का प्रतिनिधित्व किया था, और दोनों को बरी कर दिया गया है। अदालत और न्यायाधीश ने ‘साउथ लॉबी’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई। एक बार जब मूल अपराध खारिज हो जाता है, तो मनी लॉन्ड्रिंग का मामला आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अनुसूचित अपराध की आड़ में चल रहा था। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी स्वतः ही खारिज हो जाता है।

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