Iran-US War : ईरान-अमेरिका तनाव पर भारत की एंट्री? US राजदूत ने दिया बड़ा संकेत
Iran-US War : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए दूसरे दौर की बातचीत की अटकलें तेज हो गई हैं। इससे पहले पाकिस्तान और मिस्र की पहल पर इस्लामाबाद में हुई पहली बैठक बेनतीजा रही थी।
यह भी पढ़े :- सक्ती के पावर प्लांट में ब्लास्ट से अब तक 14 मजदूरों की मौत, 6 गंभीर घायल बिलासपुर रेफर, मुआवजे का ऐलान
इसी बीच भारत में अमेरिकी राजदूत और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर ने शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के प्रयासों में अमेरिका भारत की भागीदारी का स्वागत करेगा।
टीवी को दिए इंटरव्यू में गोर ने कहा, “अमेरिका भारत की भागीदारी का स्वागत करेगा, जैसा कि उसने अन्य देशों का किया है। पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में योगदान दे सकती है और इसमें भारत भी शामिल है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें आगे बढ़ने का निर्णय भारत को ही लेना होगा।
ट्रंप सभी के सहयोग के लिए तैयार
गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी तरह का भेदभाव नहीं करते और जो भी देश इस संघर्ष को समाप्त करने में मदद करना चाहता है, उसका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति हर उस व्यक्ति और देश का स्वागत करते हैं जो शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहता है।”
जल्द हो सकती हैं अहम घोषणाएं
वॉशिंगटन से लौटने के बाद गोर ने संकेत दिए कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और द्विपक्षीय मुद्दों पर जल्द ही कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने इन विषयों का खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि “आने वाले दिनों में कुछ बड़ी खबरें सामने आ सकती हैं।”
मोदी-ट्रंप वार्ता पर भी बोले
गोर ने बताया कि नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत दौरे पर आ सकते हैं।
तेल कीमतों पर ईरान को ठहराया जिम्मेदार
ईरान को लेकर गोर ने कहा कि तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्षेत्रीय अस्थिरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है, जबकि अमेरिका जलमार्ग को सुचारू करना चाहता है, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया को लाभ होगा। (Iran-US War)



