सक्ती के पावर प्लांट में ब्लास्ट से अब तक 14 मजदूरों की मौत, 6 गंभीर घायल बिलासपुर रेफर, मुआवजे का ऐलान

Sakti Power Plant Accident: सक्ती के वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में अब तक 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है। एएसपी पंकज पटेल और कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मुताबिक हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती 18 घायलों में से 10 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। बाकी 8 मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। अधिकांश मजदूर 80% तक झुलस गए हैं। हादसे में कुल 34 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। 31 मजदूरों को रायगढ़ लाया गया। मेट्रो हॉस्पिटल में 3 घायल भर्ती, अपेक्स हॉस्पिटल में 2 मजदूरों का इलाज जारी है।
वहीं 6 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया। इसके अलावा रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल को भी अलर्ट पर रखा गया है। अब तक दो मृतकों की पहचान ठंडा राम और पप्पू कुमार के रूप में हुई है। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन हादसे के बाद सही जानकारी नहीं दे रहा है। कई मजदूरों के लापता होने की भी बात सामने आ रही है। मृतक के एक परिजन ने बताया कि उसका छोटा भाई उद्धव सिंह यादव लापता है और उसका कोई पता नहीं चल रहा है। सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने पूरे मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। (Sakti Power Plant Accident)

क्या है बॉयलर ब्लास्ट ?
बॉयलर में पानी को गर्म करके भाप बनाई जाती है, जिसका इस्तेमाल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए होता है। जब बॉयलर के अंदर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और कंट्रोल सिस्टम फेल हो जाता है तो अचानक जोरदार धमाका हो जाता है। (Sakti Power Plant Accident)
हादसे के मुख्य कारण
- प्रेशर कंट्रोल सिस्टम फेल होना
- सेफ्टी वाल्व खराब होना
- पानी का स्तर कम हो जाना
- समय पर मेंटेनेंस न होना
ब्लास्ट के वक्त क्या होता है ?
- तेज धमाका और आग
- 1000°C तक गर्म भाप बाहर निकलती है
- आसपास की चीजें सेकंडों में तबाह हो जाती हैं
कितना खतरनाक होता है ?
- गंभीर जलन और मौत का खतरा
- कई लोग एक साथ घायल हो सकते हैं
- पूरी बिल्डिंग और मशीनें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं
उदाहरण के रूप में समझिए, जैसे प्रेशर कुकर फटता है, उसी तरह बॉयलर भी फटता है, लेकिन यह उससे कहीं ज्यादा बड़ा और खतरनाक होता है। फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि वेदांता प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपए मुआवजा और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख दिए जाएंगे। वहीं PMO ने PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।



