तमिलनाडु के पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मृतकों की संख्या 25 पहुंची, 22 महिलाएं शामिल, परिजनों ने किया प्रदर्शन

Blast in Tamil Nadu: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में रविवार को हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। मृतकों में 22 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 20 लोग एक ही गांव के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। मृतकों की पहचान गहनों और अन्य वस्तुओं के आधार पर करने की कोशिश की जा रही है। शवों की पहचान नहीं होने के कारण परिजन अस्पताल के बाहर पूरी रात इंतजार करते रहे।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट फैक्ट्री के उस शेड में हुआ, जहां केमिकल मिक्सिंग का काम किया जाता था। हादसे के समय वहां करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे, जबकि नियमों के मुताबिक एक शेड में अधिकतम 4 लोगों को ही काम करने की अनुमति होती है। यह हादसा मुथुमणिक्कम गांव स्थित वनजा फायरवर्क्स यूनिट में हुआ। कलेक्टर वी.पी. जयसीलन के मुताबिक फैक्ट्री रविवार को बंद रहने के बावजूद बिना अनुमति के संचालित की जा रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के तीन कमरे पूरी तरह ढह गए और आसपास के कई घरों में भी दरार आ गई। (Blast in Tamil Nadu)
नियमों की अनदेखी के संकेत
पटाखा और माचिस निर्माता संघ के जिला अध्यक्ष पी.एन. देवा ने बताया कि फैक्ट्री को सिर्फ 25 मजदूरों को रखने की अनुमति थी, लेकिन मौके पर इससे कहीं ज्यादा लोग काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि केमिकल मिक्सिंग का काम सुबह 8 से 10 बजे के बीच ही किया जाना चाहिए, जबकि यह विस्फोट दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जिससे स्पष्ट है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो जानमाल का नुकसान कम हो सकता था।
रेस्क्यू के दौरान भी हुआ धमाका
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद विस्फोटक सामग्री के बार-बार फटने से रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला। शाम करीब 7:20 बजे मलबा हटाने के दौरान एक और धमाका हुआ, जिसमें 12 लोग घायल हो गए। घायलों में 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और विरुधुनगर में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी प्रत्येक पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। (Blast in Tamil Nadu)

सोमवार को भी परिजनों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए यातायात बाधित कर दिया। पुलिस अधीक्षक एन. श्रीनाथा ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और फैक्ट्री मालिक समेत अन्य आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। फैक्ट्री मालिक फिलहाल फरार बताया जा रहा है। इस हादसे में 46 साल की इंद्राणी की भी मौत हो गई, जो पिछले 25 सालों से इस फैक्ट्री में काम कर रही थी। उनकी बेटी मधुबाला ने कहा कि मेरी मां ही पूरे घर का खर्च चलाती थी। मेरे पिता दिव्यांग हैं। मैं पेट्रोल पंप पर काम करती हूं, अब भाई की पढ़ाई का खर्च कौन उठाएगा ? हमें सरकारी नौकरी दी जाए।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
एक अन्य महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। अब हमारे पास इस दुख को सहने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही संबंधित मंत्रियों को राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। यह हादसा एक बार फिर पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नियमों का पालन न होने और लापरवाही की कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। (Blast in Tamil Nadu)



