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मुख्यमंत्री बघेल आज झीरम घाटी मेमोरियल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में होंगे शामिल

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के लाल बाग मैदान स्थित झीरम घाटी मेमोरियल  (Jhiram Ghati Memorial) में झीरम घाटी शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल रायपुर पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से पूर्वान्ह 11.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12.40 बजे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और झीरम शहादत दिवस पर लाल बाग मैदान स्थित झीरम स्मृति उद्यान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर 1.25 बजे शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हरावंड पहुंचेंगे और वहां शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद यहां परिसर में आयोजित ग्रामीण औद्योगिक पार्क की संभाग स्तरीय कार्यशाला में शामिल होंगे। श्री बघेल दोपहर 2.10 बजे जगदलपुर कलेक्टोरेट कार्यालय परिसर पहुंचकर वहां छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे तथा पत्रकारों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे रायपुर लौट आएंगे। (Jhiram Ghati Memorial)

प्रदेश में 25 मई को मनाया जाएगा ’झीरम श्रद्धांजलि दिवस’

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी में 25 मई 2013 को हुए नक्सल हमले में शहीद नेताओं और जवानों को नमन करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। झीरम घाटी के नक्सल हमले में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता श्री विद्याचरण शुक्ल, श्री नंदकुमार पटेल, श्री महेन्द्र कर्मा सहित कई नेता और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हो गए थे।

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झीरम घाटी शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में श्री बघेल ने कहा है कि झीरम घाटी के शहीदों और विगत वर्षों में नक्सल हिंसा के शिकार हुए सभी लोगों की स्मृति में वर्ष 2020 से 25 मई को हर वर्ष ’झीरम श्रद्धांजलि दिवस’ मनाया जाता है। प्रदेश के सभी शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों में नक्सल हिंसा में शहीदों की स्मृति में 25 मई को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी तथा राज्य को पुनः शांति का टापू बनाने के लिए शपथ ली जाएगी। (Jhiram Ghati Memorial)

क्या था झीरम घाटी हमला?

दरअसल 25 मई 2013 को सुकमा जिले में परिवर्तन यात्रा सभा कर वापस बस्तर लौट रहे कांग्रेसियों के काफिले पर, दरभा झीरम घाटी में घात लगाए 200 से ज्यादा नक्सलियों ने हमला बोल दिया था. इस हमले में काफिले पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. जिसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, कांग्रेसी नेता उदय मुदलियार और जवानों के साथ ही आम आदमी सहित कुल 32 लोग मारे गए थे. इस घटना में कांग्रेस की एक पीढ़ी पूरी तरह से समाप्त हो गई थी, 25 मई को इस घटना की 10वीं बरसी के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने बस्तर में दिग्गज नेता जुटेंगे.

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