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High Court Action: कांस्टेबल को कुचलने के मामले में हाई कोर्ट सख्त, कहा- रेत माफिया बेखौफ, पुलिस तक असहाय, DGP व सचिवों से जवाब तलब

High Court Action: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध रेत खनन रोकने पहुंचे कांस्टेबल की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि अवैध खनन में लगे माफिया कानून से नहीं डरते, और पुलिस तक असहाय नजर आ रही है।

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यह घटना बलरामपुर के लिब्रा गांव की है, जहां कांस्टेबल अवैध रेत खनन रोकने कनहर नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह इलाका लंबे समय से अवैध रेत खनन का केंद्र बना हुआ है। (High Court Action)

अनमोल न्यूज सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों में इस घटना की रिपोर्टिंग के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने समर वेकेशन के दौरान हुई विशेष सुनवाई में इस पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने डीजीपी, खनिज विभाग और वन विभाग के सचिवों को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 9 जून 2025 को निर्धारित की गई है। (High Court Action)

कोर्ट ने टिप्पणी की, “अगर पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं हैं, तो अन्य विभागों के अफसरों की स्थिति और भी चिंताजनक है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।

हाई कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले 23 जुलाई 2023 को भी प्रदेश में अवैध खनन के मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया गया था। बावजूद इसके घटनाएं रुक नहीं रही हैं, जिससे साफ है कि प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यह मामला छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तत्परता पर गहरे सवाल खड़ा करता है। (High Court Action)

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