पाकिस्तान के लिए जासूसी: पंजाब के यूट्यूबर की गिरफ्तारी, ज्योति मल्होत्रा और दानिश के साथ तार जुड़े
Punjab Police ने मोहाली में एक आतंकी-संबंधी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। डीजीपी पंजाब पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तानी समर्थन से चल रहा था। इस नेटवर्क में जसबीर सिंह शामिल है। वह रूपनगर के महलन गांव का रहने वाला है और ‘जान महल’ नाम से एक YouTube चैनल चलाता है। Punjab Police का कहना है कि जसबीर सिंह कई ऐसे भारतीय मूल के लोगों (PIO) के संपर्क में था, जिन पर पाकिस्तानी आकाओं के लिए काम करने का संदेह है। इनमें हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा भी शामिल है। जिसे पहले ही जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा एहसान-उर-रहमान उर्फ दानिश भी शामिल है। जो एक पाकिस्तानी नागरिक और निष्कासित पाक उच्चायोग का अधिकारी है।
यह भी पढ़े :- Parliament Monsoon Session : संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष सत्र की मांग खारिज
दानिश ने जसबीर को भी दिया था न्योता
Punjab Police के अनुसार, जसबीर सिंह को दिल्ली में पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस के कार्यक्रम में दानिश ने आमंत्रित किया था। वहां उसने कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और व्लॉगर्स के साथ बातचीत की थी। यह भी कहा जा रहा है कि उसने 2020, 2021 और 2024 में तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की थी। पुलिस का कहना है कि उसके जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में पाकिस्तान स्थित कई संपर्क नंबर मिले हैं। जिनकी अब जांच की जा रही है।
किन लोगों के संपर्क में था जसबीर?
जांच में सामने आया है कि जसबीर सिंह पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा के संपर्क में था, जो एक आतंकी संगठनों द्वारा समर्थित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है। इसके अलावा, वह हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (जो पहले ही जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है) और पाकिस्तान के नागरिक एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश (जो पाक हाईकमीशन से निष्कासित किया गया था) के भी संपर्क में था।
पाक सेना के अधिकारियों से कैसे हुई मुलाकात?
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जसबीर सिंह ने पाक हाईकमीशन में काम करनेवाले दानिश के निमंत्रण पर दिल्ली में आयोजित पाकिस्तान नेशनल डे कार्यक्रम में भाग लिया था, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और व्लॉगर्स से हुई थी। वह अब तक तीन बार (वर्ष 2020, 2021 और 2024 में) पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है। उसकी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ से कई पाकिस्तान आधारित मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं, जिनकी गहन फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जसबीर सिंह ने इन सभी PIO एजेंट्स से जुड़े कम्यूनिकेशन के सबूत मिटाने की कोशिश की ताकि वह जांच एजेंसियों की निगाह से बच सके। इस पूरे मामले में मोहाली स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
कब गिरफ्तार हुई थी ज्योति मल्होत्रा?
बता दें कि 17 मई, 2025 को हरियाणा के हिसार की रहने वाली यूट्यूबर और ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों के साथ भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शेयर की, जिसमें “ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़ी खुफिया जानकारी भी शामिल है।
किन पाक एजेंटों के संपर्क में थी ज्योति?
आरोपों के मुताबिक ज्योति व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में थीं। जांच में यह पता चला कि वह पाकिस्तान हाईकमीशन के एक कर्मचारी दानिश उर्फ एहसान-उर-रहीम के संपर्क में थी, जिसे बाद में जासूसी के आरोप में भारत से निष्कासित कर दिया गया था। दानिश के माध्यम से उन्होंने अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों, जैसे अली अहवान, शाकिर और राणा शाहबाज के साथ भी संपर्क स्थापित किया।
ज्योति मल्होत्रा एक यूट्यूबर हैं जो अपने चैनल “ट्रैवल विद जो” के लिए जानी जाती हैं, जिस पर लाखों सब्सक्राइबर्स हैं। उनके पाकिस्तान से जुड़े कई पोस्ट और वीडियो भी चर्चा में रहे हैं। आरोप है कि वह इन्हीं यात्राओं और सोशल मीडिया के बहाने जासूसी गतिविधियों में शामिल थीं।



