Google Analytics —— Meta Pixel

“महिला आरक्षण विधेयक पर ऐतिहासिक पहल: नरेंद्र मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें, सर्वसम्मति से समर्थन की अपील”

लोकसभा के विशेष सत्र में पीएम का संबोधन, बोले-नारी शक्ति की भागीदारी विकसित भारत की कुंजी

Women Reservation Bill : लोकसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण (Women Reservation Bill) को लागू करने के लिए गुरुवार (16 अप्रैल) को तीन संशोधन विधेयक पेश किए। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ये विधेयक सदन में प्रस्तुत किए, जिनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े प्रावधानों के साथ परिसीमन से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल हैं।

यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ में समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित, 20 अप्रैल से 15 जून तक सभी स्कूल बंद

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए इसे ऐतिहासिक अवसर बताया और सभी दलों से सर्वसम्मति से सहयोग की अपील की। (Women Reservation Bill )

पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

  1. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐसा अवसर है जिसे सभी सांसदों को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। “इस मंथन से निकला अमृत देश की दिशा और दशा तय करेगा।
  2. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर देश की स्वीकृति बढ़ी है।
  3. पीएम ने जोर देकर कहा कि देश की 50 फीसदी आबादी—महिलाओं—को नीति निर्धारण में शामिल करना समय की मांग है।
  4. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को पहले चुनावों में महिलाओं ने सख्त संदेश दिया है।
  5. 2024 के चुनाव का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सर्वसम्मति से विधेयक पारित होने के कारण यह राजनीतिक मुद्दा नहीं बना और किसी दल को विशेष लाभ या नुकसान नहीं हुआ।
  6. उन्होंने कहा कि इस विषय को राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए और इसे राष्ट्रहित का निर्णय मानना चाहिए।
  7. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 25-30 वर्षों में पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी से उनमें राजनीतिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित हुई है, अब वे मुखर हैं।
    उन्होंने कहा कि जो लोग अब भी विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
  8. प्रधानमंत्री ने अपने सामाजिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अति पिछड़े वर्ग से आते हैं और संविधान ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।
  9. पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि देश की नारी शक्ति केवल फैसलों को ही नहीं बल्कि सरकार की नीयत को भी परखेगी। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे मिलकर इस विधेयक को आगे बढ़ाएं, ताकि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो और देश के विकास को नई गति मिल सके।

Back to top button
error: Content is protected !!