शिया मुसलमानों के जुलूस में हुए बम धमाके से दहला पाकिस्तान, 3 की मौत 50 घायल

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न्यूज़ डेस्क

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलनगर में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। मध्य पाकिस्तान में गुरुवार को शिया मुसलमानों के जुलूस के दौरान जोरदार धमाका हुआ है. इस घटना में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से धमाके के बाद घायल लोग सड़क किनारे बैठकर मदद के लिए इंतजार कर रहे हैं।

बम धमाके की हुई पुष्टि

शहर के पुलिस अधिकारी मोहम्मद असद और शिया नेता खावर शफाकत ने बम धमाकों की पुष्टि की है। चश्मदीदों के मुताबिक, शहर में तनाव काफी बढ़ गया है। शिया समुदाय हमले के बाद बदला लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं, शिया नेता खावर ने बताया कि यह हमला उस वक्त हुआ, जब शिया समुदाय का जुलूस भीड़भाड़ वाले इलाके मुजाहिर कॉलोनी से निकल रहा था। उन्होंने इस हमले की निंदा की है।

खावर ने सरकार से ऐसे जुलूसों में सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है। इस इलाके की संचार सेवाएं पहले से ही बंद हैं। पाकिस्तान में शियाओं के अशौरा उत्सव को देखते हुए एक दिन पहले से ही फोन सेवा बंद कर दी गई थीं।

हुसैन की मौत का शोक मनाते हैं शिया समुदाय के लोग

पैगंबर मुहम्मद के पोते हुसैन की 7वीं शताब्दी में मौत हुई थी। हर साल शिया समुदाय के लोग हुसैन की मृत्यु का शोक मनाते हैं। शियाओं के लिए हुसैन को याद करना भावनात्मक रूप से मनाया जाता है। कई लोग मौजूदा इराक में स्थित करबला में युद्ध में उनकी कुर्बानी को याद करते हुए शिया मुस्लिम मातम मनाते हैं। इतना ही नहीं शिख समुदाय के लोग खुद को यातनाएं देकर इस दिन को मनाते हैं।

शियाओं के लिए, हुसैन की याद एक भावनात्मक घटना है जो कई विश्वासियों को वर्तमान इराक में कर्बला की लड़ाई में उनकी मृत्यु पर रोते हुए देखती है। दुनिया भर में आयोजित होने वाले आशूरा जुलूसों के दौरान, कई प्रतिभागियों ने अपनी पीठ को जंजीरों से पीटा, अपनी शहादत से पहले हुसैन की मदद नहीं कर पाने के लिए खेद की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति में खुद को झंडी दिखाकर रवाना किया।

शिया मुख्य रूप से सुन्नी मुस्लिम पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हैं, जहां चरमपंथी सुन्नी मुसलमान उन्हें मौत के योग्य धर्मत्यागी के रूप में देखते हैं।

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