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Chhattisgarh rain alert: प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, 7 जिलों के लिए रेड अलर्ट, इन जिलों में तेज बारिश के आसार

Chhattisgarh rain alert: रायपुर। छत्तीसगढ़ में दो दिन के ब्रेक के बाद एक बार फिर बारिश ने दस्तक दी है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में रातभर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 23 जिलों में अगले तीन घंटों के भीतर मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक बलरामपुर जिले में ऑरेंज अलर्ट (rain alert) जारी किया गया है, जबकि सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़, कोरिया और कोरबा जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में जलभराव और नदियों में उफान की स्थिति बन सकती है।

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23 जिलों में अगले 3 घंटे के लिए यलो अलर्ट

(rain alert)अगले 3 घंटे यानी सुबह 10 बजे तक जिन जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, वे हैं:
कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।

अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में सक्रिय होगा मानसून

अभी तक मानसून की अधिकतम सक्रियता उत्तरी छत्तीसगढ़ में रही है। लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई से दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय होगा।

अब तक औसत से ज्यादा बारिश

जुलाई के पहले पखवाड़े में 388 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो औसत से 5% अधिक है। बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 599.7 मिमी बारिश हुई है। कोंडागांव, बेमेतरा और सुकमा को छोड़कर सभी जिलों में औसत से ज्यादा वर्षा हुई है।

मानसून की अवधि लंबी रहने की संभावना

इस वर्ष मानसून 8 दिन पहले 24 मई को केरल पहुंच गया था। अगर यह 15 अक्टूबर तक लौटता है, तो 145 दिन की अवधि का मानसून रहेगा। इस बार मानसून ब्रेक कम होने की संभावना के कारण बारिश सामान्य से बेहतर रह सकती है।


आकाशीय बिजली: वैज्ञानिक कारण और मिथक

कैसे बनती है आकाशीय बिजली?
आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल टकराते हैं, जिससे घर्षण होता है और विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है। यह बिजली किसी भी धातु, टावर, या जीवित शरीर के ज़रिए धरती तक पहुँचती है।

आपके लिए जरूरी तथ्य:

  • आकाशीय बिजली का तापमान सूरज की सतह से भी अधिक होता है।

  • यह केवल मिलीसेकंड तक टिकती है, लेकिन इसकी क्षमता 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा होती है।

  • यह खासकर दोपहर के समय ज्यादा गिरती है।

मिथक:

  • एक ही जगह दो बार बिजली नहीं गिरती – गलत

  • रबर या फोम बचा सकते हैं – अपूर्ण सत्य

  • नाव चला रहे हों तो बाहर आ जाना चाहिए – खतरनाक

  • लंबी चीजें सुरक्षा देती हैं – हमेशा नहीं

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