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शादी के बासी खाने से 40 लोग बीमार, बिलासपुर में फूड पॉइजनिंग से मचा हड़कंप, ज्यादातर बच्चे शामिल

Food Poisoning in Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शादी समारोह के बाद बासी खाना खाने से करीब 40 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। खाना खाने के कुछ समय बाद ही लोगों को एक के बाद एक उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी मरीजों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मामला मस्तूरी ब्लॉक के पचपेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुकुंदपुर गांव का है।

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जानकारी के मुताबिक गांव में 7 मार्च को एक परिवार में शादी समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें गांव के लोगों के साथ-साथ बाहर से आए रिश्तेदार भी शामिल हुए थे। शादी के दौरान सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। बताया जा रहा है कि शादी के बाद बचा हुआ खाना दाल, चावल और गोभी की सब्जी अगले दिन गांव के लोगों को परोसा गया। खाना खाने के कुछ देर बाद ही कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। (Food Poisoning in Bilaspur)

 

स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद करीब 40 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। कुछ मरीजों को मस्तूरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है, जबकि करीब 15 मरीजों को पामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। मस्तूरी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनिल कुमार कंवर ने बताया कि शादी समारोह के बाद बासी खाना खाने से लोगों की तबीयत खराब हुई है। सभी मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मुकुंदपुर गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। फूड पॉइजनिंग के कारणों का पता लगाने के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो यह जांच कर रही है कि भोजन में किस प्रकार की गड़बड़ी हुई थी। इधर, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वे खुद अस्पताल पहुंची और भर्ती मरीजों का हालचाल जाना।

गांव में शिविर लगाकर जांच और इलाज

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर भोज में शामिल लोगों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है। साथ ही घर-घर सर्वे किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार ग्रामीणों को दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और सभी मरीजों का इलाज जारी है। बता दें कि गर्मी की वजह से खाना जल्दी खराब हो जाता है। ऐसे में खराब खाना खाने से फूड पॉइजनिंग जैसी शिकायत होती है। अगर समय पर इलाज नहीं मिलता तो यह जानलेवा हो सकता है। (Food Poisoning in Bilaspur)

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