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कांग्रेस में फिर दिखी अंतर्कलह, नवनियुक्त महामंत्री, 3 जिला सचिव और 6 मंडल अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

Infighting Again in Congress: बलरामपुर में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी के भीतर अंतर्कलह देखने को मिली है, जहां नवनियुक्त पदाधिकारियों की नियुक्ति के तुरंत बाद 10 नेताओं ने एक साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसमें 1 महामंत्री, 3 जिला सचिव और 6 मंडल अध्यक्ष शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले नेताओं में महामंत्री संजीव कुमार गुप्ता, जिला सचिव गौर विश्वास, प्रदीप खेश, मनोज दुबे, मंडल अध्यक्ष देवव्रत सरकार, समर बहादुर सिंह, ब्रिंदा यादव, अजय नारायण, जसीम अंसारी और फूलमती नाग शामिल है।

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जानकारी के मुताबिक ये इस्तीफे पार्टी में परिवारवाद और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बलरामपुर जिला कार्यकारिणी का गठन 2 मार्च को किया गया था। वहीं इस्तीफा देने का मामला बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है। नेताओं का आरोप है कि पार्टी में परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। इस मामले को लेकर सभी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को भी इस्तीफा भेजा है। बलरामपुर से पहले सूरजपुर जिले में भी 17 पदाधिकारियों ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दिया था। ये सभी नेता पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव गुट के समर्थक बताए जाते हैं। (Infighting Again in Congress)

इस्तीफे पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती

संगठन ने हाल ही में जिला अध्यक्ष शशि सिंह को सूरजपुर का कमान दिया, जिसके बाद से टीएस सिंहदेव गुट के समर्थकों में नाराजगी की खबरें सामने आई थी। इस्तीफा देने वाले नेताओं में पूर्व सांसद खेल साय सिंह की बहू का नाम भी शामिल है, जिससे मामले ने राजनीतिक चर्चा को और हवा दी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े नेताओं से राय लिए बिना जिला कार्यकारिणी बनाई गई। वहीं गुट विरोधी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार अनदेखी और उपेक्षा की जा रही है, जो इस्तीफों का मुख्य कारण बताया जा रहा है। बलरामपुर में कांग्रेस पार्टी के भीतर यह इस्तीफे पार्टी नेतृत्व के लिए एक चुनौती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस विवाद का समाधान कैसे करता है और पार्टी की कार्यकारिणी में संतुलन कैसे बनाए रखता है। 

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