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शरद पूर्णिमा बुधवार 20 अक्टूबर 2021 : सुखी जीवन के लिए करें यह उपाय, क्या कहती हैं आपकी राशि, जानें अपना राशिफल

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राशिफल बुधवार 20 अक्टूबर 2021 व सुखी जीवन के उपाय : दान, भोजन (मन्त्र हिन्दू एवं जैन धर्म) राशिफल 20 अक्टूबर 2021, दिन- बुधवार। तिथि-पूर्णिमा। चन्द्र राशी –मीन। व्रत- शरद पूनम, लक्ष्मी पूजा। कार्य सिद्ध सफल योग -12:13 से तक। पंचक-14.04 बजे तक। कही आंशिक एवं कही प्रबलवर्षा योग- (17-20अक्टूबर-) : भारत एवं मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र, पश्चमी  एवं अन्य प्रदेशों के दक्षिणी, पर्वतीय एवं बंगलौर में वर्षा योग।

राशिफल बुधवार 20 अक्टूबर 2021

मेष राशि (Aries) – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ.

विशेष रुप से धन की हानि, व्यय या विनियोजन के योग है। अपने व्यय पर विशेष ध्यान देने रखें। आप लोगों से व्यवहार के प्रति विशेष सतर्क रहें। इन दिनों आप कोई परामर्श,बीच वचाव या विवाद में भी न पड़ें। व्यर्थ में झगड़े की संभावना है। असावधानी अहम को ठेस पहुँचा सकती है। कार्यालय में बाधाएं आ सकती हैं। आप अविचलित रहें, क्योंकि ये शीघ्र ही निकल जाएंगी।

वृष राशि (Taurus) – ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो.

चन्द्रमा की स्थिति  लक्ष्यों की प्राप्ति व प्रयासों में सफलता दर्शाती है । आप ख्याति का वृद्धि का समय हैं। यह समय धन की दृष्टि से भी सौभाग्यपूर्ण है। बकाया राशि की प्राप्ति, धन की प्राप्ति हो ने के योग हैं, प्रयास करे। आर्थिक लाभ की आप आशा कर सकते हैं। घर के लिए भी यह समय सुख से परिपूर्ण है। आपको रुचि पूर्ण उत्तम भोजन, वस्त्र सुख योग है। आपके सामने आने वाली हर परिस्थिति निराकृत होगी। आज सम्पन्न किया गया हर कार्य आपको प्रसन्नता देगा। मन में पूर्ण संतोष का साम्राज्य रहेगा। मित्र एवं परचितों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। विजय पथ के पथिक होंगे आप।

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मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, घ, ड, छ, के, को, ह.

यह समय इच्छापूर्त्ति, लक्ष्यप्राप्ति तथा सांसारिक व भौतिक सुख प्राप्त करने का है। यदि आप कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं तो उपयुक्त समय है। आप व आपका परिवार सामान्य रुप से सुखी रहेंगे। यह समय आपके कार्यस्थल के लिए भी शुभ है। आप सम्मान, पदोन्नति एवम् प्रशंसा की आशा कर सकते हैं। निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। इस विशेष समय में आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। माह की सर्वश्रेष्ठ अवधि का सर्वाधिक प्रयोग करिए। बिना समय का अपव्यय कर, अधिकतम उपयोग प्रयोग करिए। जिस कार्य को भी हाथ में लेंगे, उसकी पूर्णता सुनिश्चित समझिए। निर्णय या लंबित कार्य पूर्ण करने  के लिए एसा सर्वोत्तम समय दो दिन बाद नहीं मिलेगा। यात्रा स्थगित रखिये, परामर्श या बैठकके परिणाम अनुकूल नहीं होंगे।नए कार्य यात्रा आदि स्थगित रखना उत्तम होगा |

कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो.

तुलनात्मक रूप से पुरुष वर्ग के लिए दिन अधिक व्यवधान पूर्ण रहेगा। यह स्वास्थ्य से सम्बन्धित नकारात्मक परिणामों का सूचक है। परिवार के किसी सदस्य अथवा सम्बन्धी का स्वास्थ्य व्याय एवं व्यस्तता का कारण बन सकता है। मानसिक रुप से आप अशांत व आस-पास के व्यक्तियों के प्रति सशंकित रह सकते हैं। आप विषाद, व्यर्थ का भय व मानसिक संताप को दूर रखने का भरसक प्रयास करें। यात्रा के योग भी प्रबल है। धन व्यय करने पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। कुछ ऐसा न करें जिससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा अथवा कार्यालय में सम्मान कम हो। यात्रा स्थगित रखिये, परामर्श या meeting के परिणाम अनुकूल नहीं होंगे। नए कार्य यात्रा आदि स्थगित रखना उत्तम होगा |

सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.

वित्तीय दृष्टि से भी अपके लिए ये कठिन समय है। आपको हानि हो सकती है। भाग्य की समस्या रहेगी ।शरीर स्वस्थ रहेगा। लाभ की स्थिति उत्तम है। स्थाई लाभ की योजना बनेगी। आर्थिक खर्च बढ़ेगा। मंगल कार्य में धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्त्री वर्ग द्वारा भाग्य की वृद्धि होगी। भाइयों पर व्यय अथवा उनसे सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि (Virgo) – टो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो.

जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होंगे। यह समय सुख व कार्यों में सफलता का द्योतक है। आर्थिक दृष्टि से भी यह समय आपके लिए शुभ है। आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में भी सहायक दिन है। नए मित्र, विशेषकर विपरीत लिंग वाले मित्र बनाने हेतु यह समय अनुकूल है। दाम्पत्य जीवन में सुख रहेगा और आपको अपने जीवनसाथी के साथ आमोद-प्रमोद के अवसर भी मिलेंगे। संतान आपके जीवन के सुख में और अधिक वृद्धि करेगी। दिन की इस अवधि में स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप स्वयं अपने आप में व परिवार के साथ शान्ति अनुभव करेंगे। इस दिन को कुल मिलाकर सुख से परिपूर्ण कहा जा सकता है।नए कार्य यात्रा आदि स्थगित रखना उत्तम होगा |

तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते.

स्त्री वर्ग के लिए दिन बाधा एवं  व्यवधान पूर्ण रहेगा। दाम्पत्य जीवन में सुख समन्वय रहेगा। आपको आमोद-प्रमोद के अवसर भी मिलेंगे।संतान आपके जीवन के सुख में और अधिक वृद्धि करेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन की शान्ति होगी। आप स्वयं अपने आप में व परिवार के साथ शान्ति सुख एवं प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। दिन कुल मिलाकर सुख से परिपूर्ण कहा जा सकता है।

वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू.

सकारात्मक परिवर्तन होंगे। यह समय सुख व कार्यों में सफलता का द्योतक है। आर्थिक दृष्टि से भी यह समय आपके लिए शुभ है। अटका हुआ पैसा पुन: प्राप्त हो सकता है। आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में भी सहायक होगी। प्रेम या  नए मित्र, मित्र बनाने हेतु यह समय अनुकूल हैरोजगार, व्यवसाय मे आशा के अनुरूप सफलता की प्रबल संभावनाएं है। शत्रु वर्ग के विरुद्ध सफलता का उत्तम अवसर हैं।

धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, भ, भी, भू, ध, फ, ढ, भे.

स्त्री वर्ग की तुलना मे पुरुष वर्ग के लिए दिन अधिक व्यवधान पूर्ण रहेगा। सुविधा, असहयोग, समन्वयहीन, अपेक्षा के विपरीत स्थिति का  समय है। किसी शुभ समाचार की आशा मत कीजिए। सूचना भी सत्यता से परे हो सकती हैं। यह रोजमर्रा के जीवन में परेशानियों व बाधाओं का दिन है। आर्थिक दृष्टि से भी यह काल लाभ पूर्ण नहीं है। आपको धन वसूली में कठिनाई आ सकती है। सक्रियता, विनियोजन, विपणन, लेनदेन, महत्वपूर्ण कार्य लंबित/स्थगित, रखना ही श्रेयष्कर होगा।

मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, ग, गी.

अच्छे लोगों से परिचय होगा। कार्यों में सफलता मिलेगी पद प्रतिष्ठा के अच्छे अवसर हैं। विद्या के क्षेत्र में यश बढ़ेगा| सफलता मिलेगी। राजनीति में गौरव तथा सफलता के अवसर मिलेंगे। मित्र वर्ग से पूर्ण सहयोग मिलेगा। शासन या राज्य मैं आपके कार्य प्रगति पर रहेंगे।सज्जन वर्ग से विशेष सहयोग मिलेगा। व्यापार में प्रगति होगी समय का भरपूर उपयोग करने का सुझाव दिया जाता है। विरोधियों एवं लंबित कार्य मे सफलता मिलेगी। विरोधियों एवं लंबित कार्य मे सफलता मिलेगी।

कुंभ राशि (Aquarius)– गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द.

भाग्य की समस्या रहेगी। शरीर स्वस्थ रहेगा। लाभ की स्थिति उत्तम है। स्थाई लाभ की योजना बनेगी। आर्थिक खर्च बढ़ेगा। मंगल कार्य में धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी ।स्त्री वर्ग द्वारा भाग्य की वृद्धि होगी। भाइयों पर व्यय अथवा उनसे सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग भी प्रबल है।

मीन राशि (Pisces) – दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची.

कल की तुलना में आज का दिन और भी अच्छा व्यतीत होगा। महत्वपूर्ण समाचार प्रसन्नता वर्धक रहेंगे। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगी।व्यापारिक लाभ होगा। रोजगार में उच्च अधिकारी प्रशंसा करेंगे। कनिष्ठ वर्ग पूर्ण सहयोग करेगा। कार्य की योजना बनाकर उसको निपटाना अच्छा रहेगा। सफलता के अवसर अधिक है। नए अनुबंध या नए अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। विद्या के क्षेत्र में श्रेष्ठ सफलता के सुयोग हैं। नये कार्य, परामर्श एवं यात्रा में सावधानी अपेक्षित है। नए कार्य यात्रा आदि स्थगित रखना उत्तम होगा।

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तिथि दोष निराकरण

तिल का तेल ,लाल रंग (चुकंदर,लाल पत्ते की भाजी,कोई भी लाल रंग की सब्जी ) व काँसे के बर्तन में भोजन करना निषिद्ध है। – मूंग भोजन में शामिल करे। ॐ सों सोमाय नम:। ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:। ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:। ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।

दिन के ग्रह दान एवं मंत्र–

सौभाग्य वृद्धिके लिए

  1. स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल, चावल,मोती  शहद,जायफल, पिपरामुल ,नदी या तीर्थ जल;मिलाकर स्नान करे।
  2.  बाधा मुक्ति के लिए दान- मूंग ,हरा वस्त्र ,हरीचूड़ी,पालक ,फल कपूर।
  3. दान -कन्या,व्यापारीकिन्नरको दे।
  4. दिन दोष आपत्ति निराककरण के लिए घर से प्रस्थान पूर्व क्या खाएं – मूंग, तिल, धनिया, दूध मे से कोई पदार्थ। जिनका बुध अनुकूल हो वे दही Curd अवश्य ले सकते हैं।

तनाव, परेशानी रोकने एवं सफलता के लिए मंत्र – बुध ग्रह का गायत्री मंत्र- ओम सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुध प्रचोदयात्। आपो ज्योति रस अमृतम। परो रजसे साव दोम।

जैन धर्म मंत्र-

श्री विमलनाथ या श्री मल्लिनाथ भगवान का स्मरण करे-ॐ ह्रीं णमो उवज्झायाणं। ॐ ह्रीं बुधग्रह अरिष्टनिवारक-श्री मल्लिनाथजिनेन्द्राय नम: सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा। मम (अपना नाम) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

बुध अशुभ ग्रह से सुरक्षा का मंत्र –  उत्पात रूपो जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युति:। सूर्य प्रिय करो विद्वान् पीडां हरतु मे बुध:।। जगत् में उत्पात करने वाले महान द्युति से संपन्न सूर्य का प्रिय करने वालेविद्वान तथा चन्द्रमा के पुत्र बुध मेरी पीड़ा का निवारण करें। (ब्रह्माण्डपुराण)

नक्षत्र के दोष निराकरण उपाय –

श्वेत पुष्प से पूजे गए भगवान पूषा सदैव मंगल प्रदान करते हैं और अचल धृति तथा विजय भी देते हैं। अन्न दान करना चाहिए। ॐ श्री पूषने नम:।स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति न इन्द्रो वृद्ध श्रवा।स्वस्ति न पूषा विश्व वेदा॥ स्वस्ति नस्तार्कष्यो अरिष्ट नेमि।स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु।। (अगणित स्तुतियों के योग्य और सर्वज्ञ पूषा हमारा कल्याण करें।)

(राशिफल बुधवार 20 अक्टूबर 2021)

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