आतंकवाद के खिलाफ भारत और नॉर्डिक देशों का संयुक्त रुख, कहा- कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं

India Nordic Summit: PM नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसे लेकर उन्होंने कहा कि नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत की साझेदारी की बढ़ती गहराई और गतिशीलता झलकती है। हमारी चर्चा कई पहलुओं पर केंद्रित रही, जिनमें स्थिरता, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती तकनीकें और एक शांतिपूर्ण-समृद्ध भविष्य के लिए सहयोग को मजबूत करना शामिल है। भारत और नॉर्डिक देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और मानव-केंद्रित विकास के प्रति एक जैसी प्रतिबद्धता से जुड़े हुए हैं। संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि तीसरे नॉर्वे समिट में हिस्सा लेने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं नॉर्वे के पीएम का इस समिट का आयोजन करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। लोकतंत्र, कानून का शासन, बहुपक्षीय के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है। 8 सालों पहले हमने नॉर्वे देशों के साथ अपने संबंधों को ऊर्जा और गति देने के लिए इस फॉर्मेट का गठन किया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमने अपने संबंधों में विशेष प्रगति की है। 10 सालों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4 गुना बढ़ा है। नॉर्वे देशों के इनवेस्टमेंट फंड भी भारत की रैपिड ग्रोथ में अहम साझेदार बन रहे हैं। पिछले एक दशक में नॉर्वे देशों से भारत में निवेश में लगभग 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य EFTA देशों के साथ हमने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू किया और कुछ ही महीने पहले, हमने भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते किया, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन भी भागीदार हैं। इन महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते से हम भारत और नॉर्डिक देशों के साथ संबंधों में, एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत करने जा रहे हैं। (India Nordic Summit)


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने भारत और नॉर्वे के संबंधों को ग्रीन तकनीक और नवाचार रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप देने का निर्णय लिया है। भारत और नॉर्डिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हमारे व्यापक रिसर्च और नवाचार टाईज है। इस सुदृढ़ करने के लिए हम साथ मिलकर विश्वविद्यालय, लैंब और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच लिंक बढ़ाएंगे। हमने विश्व मुद्दे पर भी विचार साझा किए हैं। वैश्विक तनाव और संघर्ष के इस दौर में भारत और नॉर्डिक देश साथ मिलकर, एक नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को बल देते रहेंगे। और यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे..हम इस बात पर सहमत हैं कि बहुपक्षीय संस्थाएं का सुधार आवश्यक भी है और अति आवश्यक भी। और आतंक पर भी हमारा साफ और एकजुट मोर्चा है- कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने कई बार ‘संबंध’ शब्द का प्रयोग किया। कई नॉर्डिक भाषाओं में ‘संबंध’ शब्द का अर्थ है- संबंध, रिश्ते, एक गहरा संबंध। हिन्दी में भी संबंध का अर्थ यही है। यह केवल शब्दों की समानता नहीं है। यह हमारे विचारों की निकटता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है, जबकि प्रौद्योगिकी और स्थिरता के क्षेत्र में हमारी साझा प्राथमिकताएं सहयोग के प्रचुर अवसर पैदा करती हैं। हम इस बात से सहमत हैं कि बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार करना आवश्यक भी है और अत्यंत जरूरी भी। आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा रुख स्पष्ट और एकजुट है। कोई समझौता नहीं और कोई दोहरा मापदंड नहीं। इससे पहले PM मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन एमजोल फ्रॉस्टाडॉटिर, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।




