Kolkata Law College gangrape : मेडिकल रिपोर्ट से खुली दरिंदगी की पोल, कोर्ट ने आरोपियों को भेजा पुलिस रिमांड में

Kolkata Law College gangrape : पश्चिम बंगाल के एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में मेडिकल रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि पीड़िता के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। जांच में पीड़िता के शरीर पर दांत के निशान, नाखूनों के खरोंच और यौन उत्पीड़न के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और धमकी दी कि अगर उसने किसी से बात की, तो वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर देंगे। तीनों के मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा कॉलेज में 45 दिन की अनुबंध अवधि के लिए अस्थायी गैर-शिक्षण स्टाफ के रूप में नियुक्त था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने जबरन शादी के लिए दबाव बनाया और इनकार करने पर जान से मारने व परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने जब उसे छोड़ने की गुहार लगाई, तो आरोपी नहीं माने। (Kolkata Law College gangrape)
घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया और कोलकाता पुलिस से तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कॉलेज प्रशासन ने जांच में सहयोग देने की बात कही है। (Kolkata Law College gangrape)
इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि “एक लॉ कॉलेज में गैंगरेप की घटना यह दर्शाती है कि छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गृह विभाग संभालने के बावजूद कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।”
यह मामला ना केवल शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अस्थायी नियुक्तियों में उचित जांच प्रक्रिया की कितनी आवश्यकता है। (Kolkata Law College gangrape)



