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महिला आरक्षण संशोधन बिल पर सियासी संग्राम, लोकसभा में पास नहीं होने पर NDA सांसदों और मंत्रियों ने किया प्रदर्शन

NDA MPs Protest: महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संशोधन बिल लोकसभा में पारित नहीं होने पर NDA की महिला और पुरुष सांसदों समेत मंत्रियों ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि संसद में महिला विरोधी बयान दिए गए, देश की महिलाएं यह सुन रही थी। देश की महिलाओं की आकांक्षा थी यह बिल पास हो, लेकिन उन्हें हराने का काम INDI गठबंधन ने राहुल गांधी के नेतृत्व में किया। राहुल गांधी, कांग्रेस के लिए सिर्फ एक परिवार की महिलाएं आनी चाहिए, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी आएं, लेकिन उनके पार्टी की कार्यकर्ता न आएं।

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केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि कांग्रेस और सभी विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया है, भारत की जनता और देश की महिलाएं इन्हें माफ नहीं करेंगी। एक ऐतिहासिक निर्णय होने जा रहा था, जिसके माध्यम से 33% महिलाओं को उनका अधिकार मिलता, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया और देश की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि ये तो वचनपूर्ति का दिन था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करवाने का दिन था, ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और पूरे INDIA गठबंधन पर सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ हावी हुआ। उन्होंने महिलाओं के साथ धोखा, विश्वासघात किया है।

भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि इतना महत्वपूर्ण बिल पारित नहीं होने दिया, जो हुआ उससे हम बहुत दुखी हैं। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि सारी बेटियों, महिलाओं का मनोबल गिरा दिया गया। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की उम्मीद किसी ने भी विपक्ष ने की थी। मुझे यह व्यक्तिगत क्षति लग रही है। जैसा प्रधानमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे तो हमें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को 2029 में लागू करने के लिए संशोधन बिल लाया गया। 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था, लेकिन उसमें शर्त थी कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन होगा। उसके बाद यह लागू होगा। (NDA MPs Protest)

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि विपक्ष ने जाति जनगणना की मांग उठाई, इतने बड़े देश में जाति जनगणना और परिसीमन में समय लग सकता था। इसलिए सरकार ने संशोधन बिल पेश किया, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने इस बिल के खिलाफ वोटिंग की। यह देश की बहनों के साथ धोखा है। LJP (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र में काला दिन है, जो महिलाएं सदियों से अपने हित के लिए लड़ रही थीं, जो महिलाएं सदन की तरफ देख रही थी उनका सपना टूट गया। नीच और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने इस बिल को पारित नहीं होने दिया। (NDA MPs Protest)

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव ने कहा कि देश की महिलाएं विपक्षी पार्टियों को कभी माफ नहीं करेंगी। विपक्ष नहीं चाहता कि संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े। शिवसेना नेता शाइना एन.सी. ने कहा कि विपक्ष महिला विरोधी है। हमने 27 सालों तक इंतजार किया। हमें 273 सीटें मिलती, लेकिन विपक्ष, कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी ने सिर्फ बहाने किए। उनकी नीति, नीयत, नाटक देश की जनता ने देखा है। वे इसे पारित कर सकते थे, लेकिन सच्चाई यह है कि वे महिलाओं के विरोध में हैं, महिलाओं के खिलाफ हैं और महिलाओं की आवाज कभी बुलंद नहीं करना चाहते।

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