महिला आरक्षण पर सियासत तेज, कांग्रेस बोली- सरकार की आरक्षण लागू करने की मंशा नहीं, सिर्फ चुनावी रणनीति
Congress on Women Reservation: महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में पारित नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने कहा कि संशोधन विधेयक गिर गया। उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया। भारत ने देख लिया। INDIA ने रोक दिया। जय संविधान। इससे पहले लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा था कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है- इसका महिलाओं से कोई संबंध नहीं। यह बिल OBC विरोधी है, यह बिल SC-ST विरोधी है, यह बिल राष्ट्र-विरोधी है- दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के खिलाफ है। हम भारत जोड़ने वाले न किसी का हक छिनने देंगे, न देश को बंटने देंगे।
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि ये बिल जिस तरह से सरकार ने पेश किया, उस तरह से उसका पारित होना नामुमकिन था। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा और पुरानी जनगणना से जोड़ा, जिस कारण से इसे पारित नहीं किया गया। प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें ओल्ड विमेन बिल लाना चाहिए, जिसे सभी पार्टियों ने पास किया था, सोमवार को तुरंत लाना चाहिए। सोमवार को संसद बुलाओ, बिल लाओ और देखते हैं कि कौन एंटी-विमेन है। हम सब आपको वोट देंगे और सपोर्ट करेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम महिला विरोधी नहीं हैं और हम लंबे समय से एक-तिहाई महिला आरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। हमने 2023 के संशोधन का एकमत से समर्थन किया और उसे पास किया, लेकिन उसकी आड़ में उन्होंने एक और संशोधन पेश किया उसमें एक डिलिमिटेशन क्लॉज डाल दिया, इस तरह महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन बिल को एक कर दिया।
इन बिलों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे: खड़गे
खड़गे ने कहा कि इन बिलों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे, ताकि आगे कोई भी डिलिमिटेशन कानून सदन में सिंपल मेजॉरिटी से पास और बदला जा सके। आपको यह 543 सदस्यों के अंदर करना चाहिए। अगली जनगणना या जाति जनगणना पूरी होने के बाद, आप इसे अगले चुनाव में पूरा कर सकते हैं। आपका इरादा संविधान के ढांचे को बदलना और एग्जीक्यूटिव पावर अपने हाथों में लेना है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि उन्होंने पूरे देश को गुमराह किया और ऐसे हालात पैदा किए कि यह बिल पास न हो और विपक्ष पर आरोप लगाया जाए। देश के लोग समझते हैं। 2023 में इस कानून को पक्ष और विपक्ष ने मिलकर पास किया था। उन्हें सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। दक्षिण राज्य और पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलाना चाहिए था। लोग इनकी चालों को जानते हैं। (Congress on Women Reservation)
ये लोग परिसीमन कराना चाहते थे: बघेल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में ये लोग परिसीमन कराना चाहते थे। महिला आरक्षण बिल तो 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो गया था, अगर उसे लागू करना है तो 543 सीटों पर लागू करने में कोई दिक्कत तो है ही नहीं। इन्हें किसने रोका है ? वे परिसीमन लाना चाहते थे, जिससे छोटे राज्यों को नुकसान होता। इस कारण INDIA गठबंधन ने इसका विरोध किया। इतनी हड़बड़ी क्या थी ? क्या चुनाव के लिए यह लाया गया था ? पेट्रोल-डीजल, गैस की कीमते बढ़ रही हैं, लोगों का ध्यान इससे भटकाने के लिए यह लाया गया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि वे महिला आरक्षण नहीं चाहते, वे महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन चाहते थे। वे निर्वाचन क्षेत्रों में अपने हिसाब से बांटना चाहते हैं जिससे उनकी सरकार बनी रहे।
भाजपा सरकार ने जानबूझकर यह बिल पेश किया: गुरजीत
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हम महिला आरक्षण के लिए तैयार हैं, लेकिन परिसीमन नहीं होना चाहिए। इन्होंने महिला आरक्षण बिल के पीछे छिपकर परिसीमन को पारित करने की कोशिश की, जिसे हमने गिरा दिया। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि मोदी-भाजपा सरकार ने जानबूझकर यह बिल पेश किया, जबकि उन्हें पता था कि उनके पास 2/3 बहुमत नहीं है। हमें परिसीमन को लेकर बहुत शक है और इसीलिए हमने बिल का विरोध किया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण देना नहीं चाहती। ये भाजपा का इवेंट मैनेजमेंट था, जो फेल हो गया। (Congress on Women Reservation)
कोई शर्त नहीं होती तो महिला आरक्षण बहुत आगे बढ़ जाता: गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि मुझे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार एक सरल महिला आरक्षण विधेयक लाते, जिसमें परिसीमन और जनगणना की कोई शर्त नहीं होती तो महिला आरक्षण बहुत आगे बढ़ जाता। 2023 में महिला आरक्षण का जो कानून पारित हुआ, जिसे सरकार ने 16 अप्रैल की रात लागू किया उस पर आगे काम होगा, लेकिन 2026 में महिला आरक्षण के नाम पर ये जो राजनैतिक परिसीमन करना चाहते थे, वह पूरे देश में उजागर हो गया है। कहीं न कहीं भाजपा को सिर्फ राजनीति करनी है और यह आज देश समझ चुका है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि हमने महिला आरक्षण बिल का पूरी तरह समर्थन दिया था, जो 2023 में पारित हुआ था, जो बिल हारा है वह परिसीमन बिल है। महिला आरक्षण के लिए हमारा समर्थन आज भी है।
आरक्षण बिल नहीं गिरा है, परिसीमन बिल गिरा: इमरान
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल नहीं गिरा है, परिसीमन बिल गिरा है। महिला आरक्षण की आड़ लेकर सरकार जो परिसीमन करना चाहती थी, यह उस साजिश की हार हुई है। महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हो चुका था। महिलाओं के पीछे छुपना भाजपा बंद करे। आपकी मंशा महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं है, वर्ना आप वर्तमान समय में आप महिला आरक्षण लागू करें, लेकिन उन्हें यह नहीं करना और महिलाओं को धोखे में रखना है। कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने कहा कि केंद्र सरकार ने बहुत बड़ा पाप किया है। 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ था। इन्हें 2024 में उसे लागू करना चाहिए था। इन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन को जोड़कर पाप किया है। देश की महिलाओं पर अन्याय किया है। ये भाजपा के अंत की शुरुआत है।
543 सीटों पर 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दें: मनीष
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक था ही नहीं, यह परिसीमन विधेयक था। हम लगातार सरकार से कहते रहे हैं कि आप 543 सीटों पर 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दें, लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं थी। यह मूल रूप से परिसीमन का विधेयक था। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमने कहा था कि हम महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन इसका परिसीमन से कोई लेना देना नहीं है। इन्हें अलग-अलग करें। ये वोट महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। ये वोट परिसीमन के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं भाजपा झूठ न बोले। महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पारित हो चुका है। परसों आपने इसका नोटिफिकेशन क्यों जारी किया ? 3 साल आप कहां सो रहे थे। महिला आरक्षण आज से होना चाहिए, अभी से शुरू करो। इन विधानसभा चुनाव जो आगामी है उसमें लागू करो। महिला आरक्षण किस तरह परिवर्तित हुआ, हां जो आप इसके सहारे परिसीमन का अधिकार सरकार के हाथों में ला रहे थे वो प्रयास आपका पूरी तरीके से पराजित हुआ है। भारत का लोकतंत्र बचा है। (Congress on Women Reservation)



