Delhi Heat Wave: हे भगवान! तपती जमीन, धधकता आसमान, दिल्ली में गर्मी ने तोड़ा 79 साल का रिकॉर्ड, 52 डिग्री पहुंचा पारा

Delhi Heat Wave: किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि दिल्ली में ऐसी गर्मी पड़ेगी, जैसी रेगिस्तानी इलाकों में पड़ती है. भीषण गर्मी से पूरा भारत एक भट्टी की तरह तप रहा है. दिल्ली में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में तापमान 52 डिग्री के पार चला गया.

दिल्ली के मुंगेशपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 52.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शहर में अब तक का सबसे अधिक तापमान है. हालांकि, भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि वह किसी भी संभावित त्रुटि के लिए क्षेत्र के मौसम केंद्र के सेंसर और डेटा की जांच कर रहा है.

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खुद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस आंकड़े को लेकर सवाल उठाए. इसके बाद आईएमडी ने स्पष्ट किया कि मुंगेशपुर में दर्ज किया गया 52 डिग्री सेल्सियस से अधिक का अधिकतम तापमान “सेंसर में त्रुटि या स्थानीय कारक” के कारण था. इसकी जांच कराई जा रही है.

भारत में गर्मी अक्सर मई के दौरान चरम पर होती है. आईएमडी वैज्ञानिक सोमा सेन रॉय ने कहा कि आमतौर पर 2-3 दिन ही गर्मी पड़ती है, लेकिन इस महीने उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में 7-10 दिन गर्मी पड़ने की पूरी संभावना है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मुख्य रूप से मानसूनी कमजोर हो रहा है और इसके कारण अल नीनो भी कमजोर हो रहा है. जिसकी वजह से एशिया में गर्म, शुष्क मौसम और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. (Delhi Heat Wave)

इस गर्मी का कारण क्या है?
हम आमतौर पर इसे जलवायु परिवर्तन के कारण मानते हैं, लेकिन यह बहुत सरल है. आइए आज इसे विस्तार से जान लेते हैं. दरअसल, हीटवेव तब होती है जब वायुमंडल में उच्च दबाव गर्म हवा को नीचे की ओर धकेलता है और इसे जमीन के पास फंसा देता है. यह लॉक की तरह काम करती है जो गर्म हवा को ऊपर उठने से रोकती है, जिससे तापमान और बढ़ जाता है. जैसे-जैसे हवा नीचे जाती है, यह गर्म होती है, जिससे अत्यधिक गर्मी की स्थिति पैदा होती है. भारतीय मौसम विभाग विज्ञान के मुताबिक, जब मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस, तटीय क्षेत्रों का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो ‘लू’ या हीटवेव की स्थिति बनती है. लेकिन यदि तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो इसे खतरनाक ‘लू’ की श्रेणी में रखा जाता है.

ऐसे आप खुद को रख सकते हैं सुरक्षित
शुरुआत के लिए हाइड्रेटेड रहना बहुत ज़रूरी है. चाहे आपकी उम्र कुछ भी हो. बाहर का तापमान 45-50 डिग्री सेल्सियस होने पर पानी पिएं. पानी पीते रहें. छह साल से कम उम्र के बच्चों वाले माता-पिता को अपने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उन पर अतिरिक्त ध्यान देने की ज़रूरत है. डॉक्टरों का कहना है, “6 साल से कम उम्र के बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है. उन्हें हर समय हाइड्रेटेड रखना जरूरी है. पानी के अलावा, आप उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए उन्हें लिमोनाइट (शिकंजी) दे सकते हैं. तरबूज और खट्टे फल जैसे ज्यादा पानी वाले फल भी बच्चों के लिए अच्छे होते हैं. अगर संभव हो, तो उन्हें धूप या घर के ज्यादा गर्म हिस्सों से दूर रखें, खासकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं. (Delhi Heat Wave)

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