PM मोदी ने आज 2 अक्टूबर को किया जल जीवन मिशन मोबाइल ऐप लॉन्च, जानिए क्या है इसकी विशेषताएं?

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 नेशनल न्यूज :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर ‘जल जीवन मिशन के 2 वर्ष’ ई-पुस्तिका का विमोचन किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस खास मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे इस बात की खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखो गांवों के लोग ग्राम सभाओं के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं।

ऐसे अभूतपूर्व और राष्ट्रव्यापी मिशन को इसी उत्साह उर्जा से सफल बनाया जा सकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जल जीवन मिशन का विजन सिर्प लोगों तक साफ पानी पहुंचाने का नहीं है। बल्कि ये विकेंद्रीकरण का भी एक बहुत बड़ा मूवमेंट हैं। इस मिशन का मुख्य आधार जन आंदोलन और जनभागीदारी है।

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जल जीवन मिशन को सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए गए- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखो गांवों के लोग ग्राम सभाओं के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं। ऐसे अभूतपूर्व और राष्ट्रव्यापी मिशन को इसी उत्साह, उर्जा से सफल बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का विजन सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये विकेंद्रीकरण का भी एक बहुत बड़ा मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार जन आंदोलन और जनभागीदारी है।जल जीवन मिशन को अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने के लिए आज कई और कदम भी उठाए गए हैं।

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देश के शहर और गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित हुए- मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इस अभियान से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह जल जीवन मिशन ऐप पर मिल जाएंगी।गांव के लोग भी अपने यहां के पानी की शुद्धता पर बारीक नजर रख पाएंगे। एक सुखद एहसास हम सभी को है कि बापू के सपनों को साकार करने के लिए देशवासियों ने निरंतर परिश्रम किया है, अपना सहयोग दिया है।

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आज देश के शहर और गांव खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं। करीब 2 लाख गांवों ने अपने यहां कचरा प्रबंधन का काम शुरू कर दिया है। 40 हजार से ज़्यादा ग्राम पंचायतों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने का फैसला लिया है। खादी की बिक्री भी कई गुना ज़्यादा हो रही है।

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