केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर को किया नक्सलमुक्त घोषित, भूपेश सरकार और कांग्रेस को जमकर घेरा

Shah on Naxal Free Bastar: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर जानकारी दी। साथ ही कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए एक अभियान चलाया गया। इस क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने के लिए एक मुहिम शुरू की गई। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं, और अब उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है। मैं बस उन लोगों से यह पूछना चाहता हूं, जो यहां नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, लोगों को अब तक ये लाभ क्यों नहीं मिले ? बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए क्योंकि इस क्षेत्र पर ‘लाल आतंक’ का साया मंडरा रहा था। इसीलिए विकास उन तक नहीं पहुंच पाया। आज, वह साया हट गया है, और बस्तर अब विकास के पथ पर अग्रसर है।
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गृहमंत्री ने कहा कि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मैं उनसे पूछता हूं क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूँ कि वह दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। (Shah on Naxal Free Bastar)

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता कांग्रेस के हाथों में रही। तो फिर, आज तक आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहे? असली विकास तो पीएम नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है। 60 सालों तक आप उन्हें घर या साफ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहे, आपने उनके लिए कोई स्कूल नहीं बनाया, आपने उनके इलाकों तक मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचने से रोकीं, और फिर भी, अब आप ही लोग जवाबदेही की माँग कर रहे हैं ? हम एक लोकतंत्र में रहते हैं। हमने इस देश के संविधान को अपनाया है…यह सरकार किसी की धमकियों से डरने वाली नहीं है। यह सबके साथ न्याय करने वाली सरकार है।

उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत सिर्फ उन्हीं से होगी जो हथियार डाल देंगे, जो गोली चलाएंगे उनका जवाब गोली से ही दिया जाएगा। कई राज्य 2024 से पहले नक्सलवाद मुक्त हो चुका थे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने नक्सलियों को बचा कर रखा, इसलिए यहां नक्सलवाद खत्म नहीं हुआ। भूपेश बघेल से पूछिए, मैं प्रूफ लाकर दूं क्या ? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो मेम्बर के 21 नेता थे, इसमें 12 मारे गए, 1 फरार है, बाकी ने सरेंडर किया या गिरफ्तार हुए। मतलब सभी खत्म हैं। इसी तरह नक्सलियों के दूसरे कैडर का भी हाल है। हम नक्सल मुक्त हो गए हैं। (Shah on Naxal Free Bastar)



