आज छत्तीसगढ़ आएंगे उपराष्ट्रपति धनखड़, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल
Vice President Bilaspur Tour: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज यानी 15 जनवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जो बिलासपुर स्थित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक उपराष्ट्रपति धनखड़ दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ बिलासपुर आएंगे। उपराष्ट्रपति भारतीय वायु सेना के विशेष विमान के जरिए दिल्ली से रवाना होकर दोपहर 2 बजे रायपुर स्थित माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां हेलीकॉप्टर से बिलासपुर जाएंगे। उपराष्ट्रपति दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद बिलासपुर से हेलीकॉप्टर से शाम 4.50 बजे रायपुर माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 5 बजे विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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इधर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के पगुराबहार गांव में आयोजित 9वें सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस पर सेना के वीर जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी वीरता का प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्वारा सेना मेडल से सम्मानित भागलपुर निवासी 81 साल के अरुण कुमार का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर उनके अदम्य साहस की सराहना की। अरुण कुमार ने अपने युद्ध के अनुभव साझा कर देशसेवा के गौरवशाली क्षणों को याद किया। (Vice President Bilaspur Tour)

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के तीन शहीद सेनानियों के परिवारों को सम्मानित किया। इनमें शहीद सिपाही शिमोन केरकेट्टा, शहीद राजेश बारा और शहीद अशोक राम भगत के परिजन शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शहीद हवलदार शिमोन केरकेट्टा की पत्नी तेरेसा केरकेट्टा को चलने में हो रही कठिनाई को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें व्हीलचेयर प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने शहीद सिपाही शिमोन केरकेट्टा के अदम्य साहस को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1966 में मिजोरम में देश के दुश्मनों से लड़ते हुए प्राणों की आहुति दी। वहीं शहीद राजेश बारा ने 2002 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। (Vice President Bilaspur Tour)

शहीद अशोक राम भगत ने 2020 में सिक्किम के ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहादत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों के बलिदान और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने भारतीय सशस्त्र सेनाओं के पहले कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा के योगदान को याद करते हुए कहा कि सशस्त्र सेना वयोवृद्ध दिवस हमारे जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। यह दिन शांति और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को स्मरण करता है। कार्यक्रम में विधायक गोमती साय और जिला भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के अधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। (Vice President Bilaspur Tour)



