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Vice Presidential election 2025: उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे से सियासी हलचल, चुनाव आयोग ने की तैयारियों की घोषणा

Vice Presidential election 2025: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने भारतीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जब तक उनके इस्तीफे के पीछे की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, चर्चाओं का दौर थमने वाला नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके फैसले को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

अब उपराष्ट्रपति पद रिक्त हो चुका है, और नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को चुनाव आयोग ने नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों की घोषणा करते हुए संकेत दिया है कि जल्द ही उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।

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निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है। उनके साथ संयुक्त सचिव गरिमा जैन और निदेशक विजय कुमार सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।

यह नियुक्तियां राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के तहत की गई हैं। पिछले चुनाव में लोकसभा महासचिव मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे, इस बार बारी राज्यसभा महासचिव की है।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कानून एवं न्याय मंत्रालय और राज्यसभा उपसभापति की सहमति के बाद की जाएगी।

हालांकि, इस्तीफे में स्वास्थ्य कारण बताए गए हैं, विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी INDIA गठबंधन का मानना है कि इस्तीफा मौजूदा सरकार की कार्यशैली से असहमति के कारण हुआ है। (Vice Presidential election 2025)

इसीलिए विपक्ष इस मौके को भुनाने की कोशिश में है। चर्चा है कि वह एक बार फिर संयुक्त उम्मीदवार उतार सकता है। पिछली बार मार्गरेट अल्वा को मैदान में उतारा गया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — के निर्वाचित व नामांकित सदस्य करते हैं। कुल 782 सांसदों में से जीत के लिए 392 वोटों की जरूरत होती है।

भाजपा और उसके सहयोगियों के पास स्पष्ट बहुमत है। लोकसभा में भाजपा गठबंधन के 293 और राज्यसभा में 130 सांसद हैं, यानी कुल 423। वहीं विपक्ष के पास लगभग 219 सांसद हैं। ऐसे में भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है। (Vice Presidential election 2025)

भाजपा ने उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी इस बार कोई प्रयोगधर्मी नाम नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक प्रतिबद्धता को प्राथमिकता देना चाहती है।

इसी बीच, जेडीयू सांसद और राज्यसभा के उपसभापति रह चुके हरिवंश नारायण सिंह का नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे बताया जा रहा है। उन्होंने दो बार इस पद पर रहते हुए एनडीए का विश्वास कायम रखा है।

हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच होने वाली बैठक में लिया जाएगा। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर हैं, जो जल्द ही उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। (Vice Presidential election 2025)

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