विश्व हाथी दिवस आज, जानिए कब और कैसे हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत

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न्यूज़ डेस्क।

हाथियों को धरती पर पाया जाने वाला सबसे विशाल प्राणी माना जाता है। भारत में सदियों से हाथियों का इस्तेमाल राजघरानों की ठाठ-बाठ के लिए, युद्ध में और शादियों आदि में किया जाता है। केरल में तो कुछ खास समारोहों और उत्सवों में खासतौर से हाथियों का श्रृंगार किया जाता है।

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माना जाता है कि हाथी बहुत संवेदनशील, बुद्धिमान और सामाजिक जानवर है। यह बड़े ग्रुप में रहते हैं। जो हाथी नर होते हैं, उनमें बड़े दांत निकलते हैं। मादा में दांत नहीं होते या बहुत छोटे हैं। हाथियों की याददाश्त काफी बढ़िया होती है, ये सारी बातें कहीं ना कहीं हम जानते हैं। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में हाथियों को सर्वोच्च दर्जा दिया गया है।

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कैसे हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत

सिम्स और एलिफेंट की इंट्रोडक्शन फाउंडेशन द्वारा साल 2011 में इसकी पहल की गई थी लेकिन ऑफिशियली 12 अगस्त, 2012 को इसे मनाने की घोषणा हुई थी। हर साल 12 अगस्त को मनाए जाने वाले “विश्व हाथी दिवस” का उद्देश्य हाथियों के लुत्प हो रही संख्या, उसके कारणों पर की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साथ ही उनके संरक्षण के उपायों, पुनर्वास, बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और गैर कानूनी तस्करी रोकने की ओर भी प्रयास करने के लिए प्रेरित करना है।

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