भारत की श्रेष्ठ सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण संघ का काम: कनिराम

RSS Jan Sangosthi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की बेमेतरा जिला इकाई की ओर से रविवार को स्थानीय साहू छात्रावास भवन में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री और संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य कनिराम शामिल हुए, जिन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य भारत की श्रेष्ठ सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करना है। उन्होंने बताया कि संघ की कार्यपद्धति शास्त्रसम्मत और समाज-आधारित है, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोग सहज रूप से जुड़ सकते हैं। संघ की शाखाओं में अलग-अलग आयु वर्गों के लिए अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिससे सामान्य स्वयंसेवक भी समाज में असाधारण कार्य करने में सक्षम बनता है।
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उन्होंने आगे कहा कि संघ का प्रमुख कार्य व्यक्ति निर्माण है, जिसे समाज के सहयोग से किया जाता है। राष्ट्र को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाना संघ का लक्ष्य है। संघ में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है, जिसकी अनुभूति स्वयं महात्मा गांधी ने वर्धा में आयोजित संघ शिविर के दौरान की थी और उसकी सराहना भी की थी। कनिराम ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक धारा अनादि काल से प्रवाहित हो रही है और संघ उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने संत परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि भक्ति काल में संतों ने पूरे देश में भारत एक राष्ट्र है का संदेश दिया। महाराष्ट्र में संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम, एकनाथ, असम में शंकरदेव, बंगाल में चैतन्य महाप्रभु और छत्तीसगढ़ में बाबा घासीदास जैसे संतों ने समाज को एकता और संस्कृति का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर उत्पन्न सामाजिक विषमताओं, कुरीतियों और भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता है, जिसके लिए संघ पिछले 100 सालों से समाज को संगठित कर कार्य कर रहा है। संघ अपने शताब्दी वर्ष में ‘पंच परिवर्तन’ के विषय पर व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग समाजों के प्रमुख, मातृशक्ति, विशिष्ट व्यक्तित्व और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच पर विभाग संघचालक डॉ. कमलेश निषाद और जिला संघचालक राजकुमार देवांगन भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत में जिज्ञासा समाधान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित नागरिकों ने संघ से जुड़े अपने प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर मुख्य वक्ता ने दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ हुआ। (RSS Jan Sangosthi)




