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सक्ती हादसे पर सियासत तेज, कांग्रेस ने उठाए 8 बड़े सवाल, महंत बोले- चाइनीज कबाड़ से चल रहे प्लांट

Congress on Sakti Accident: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। PCC चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने रायपुर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। साथ ही राज्य सरकार, उद्योग प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ने इस घटना को दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, कमजोर निगरानी और गलत औद्योगिक नीतियों का परिणाम बताया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद औद्योगिक हादसों में 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने इसे राज्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सरकारी विफलता का प्रमाण बताया।

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महंत ने आरोप लगाया कि राज्य में कई उद्योग सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले उपकरणों से बनाए गए हैं। चाइनीज कबाड़ जैसी मशीनरी का इस्तेमाल कर प्लांट खड़े किए गए, जिसका नतीजा अब लगातार हादसों के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जांच दल के साथ घटनास्थल का दौरा किया, जहां हालात बेहद भयावह थे और कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल साफ नजर आया। बैज ने आरोप लगाया कि बंद पड़े प्लांट में बिना पर्याप्त तैयारी और सुरक्षा जांच के काम शुरू कर दिया गया, जो इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। कांग्रेस ने सरकार और कंपनी प्रबंधन से इस हादसे को लेकर आठ सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस के 8 बड़े सवाल

  1. इतनी बड़ी दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन है ?
  2. क्या बॉयलर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था ?
  3. क्या प्रेशर गेज और अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच हुई थी ?
  4. क्या पानी का स्तर नियंत्रित और सुरक्षित सीमा में था ?
  5. अत्यधिक तापमान बनने की वास्तविक वजह क्या थी ?
  6. क्या सेफ्टी वाल्व जाम या खराब था, और इसकी जांच हुई थी या नहीं ?
  7. क्या ईंधन, डिजाइन, मटेरियल और वेल्डिंग की गुणवत्ता की जांच की गई थी ?
  8. हादसा तकनीकी खामी से हुआ या मानवीय लापरवाही से ?

बैज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के दबाव में FIR तो दर्ज की गई, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को संरक्षण दे रही है, जिसके चलते कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। उनका कहना है कि अगर सख्त निगरानी और नियमों का पालन होता तो इस तरह के हादसे रोके जा सकते थे। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में सिर्फ सामान्य धाराओं में नहीं, बल्कि कड़ी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो। कांग्रेस पार्टी ने दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 लगाने की मांग की है, ताकि आरोपियों को आसानी से जमानत न मिल सके। महंत ने कहा कि प्लांट के ऑपरेशन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। (Congress on Sakti Accident)

कांग्रेस ने की मामले की न्यायिक जांच की मांग

कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही कि हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी स्तर पर लीपापोती न हो। महंत ने कहा कि गंभीर रूप से झुलसे श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने देश के प्रमुख बर्न यूनिट वाले शहरों मुंबई, कोयम्बटूर और हैदराबाद का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां बेहतर इलाज से कई जानें बचाई जा सकती हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले में दर्ज FIR को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों को FIR की कॉपी नहीं दी जा रही और पुलिस ऊपर से निर्देश का हवाला दे रही है। बघेल ने पूछा कि यह ऊपर कौन है और पारदर्शिता से क्यों बचा जा रहा है।

वहीं डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि मामले में FIR हो चुकी है, दुर्घटना बहुत बड़ी है। वेदांता हादसे के बाद राज्य में औद्योगिक सुरक्षा, सरकारी जवाबदेही और उद्योगपतियों को संरक्षण देने के आरोप जैसे मुद्दे फिर केंद्र में आ गए हैं। कांग्रेस ने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलने तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की औद्योगिक नीति और निगरानी व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है, दोषियों पर क्या कड़ी धाराएं लगाई जाती हैं और क्या पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाता है। यह हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी है।

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