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छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का भंडाफोड़, कई आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन मुस्कान के तहत 192 गुमशुदा बरामद

Human Trafficking in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में पुलिस ने मानव तस्करी और गुमशुदगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद, रायगढ़ और दुर्ग जिले में चलाए गए अभियानों के तहत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंपा गया है। महासमुंद जिले के बागबहरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान शांता राम साहू और तोरण प्रजापति के रूप में हुई है।

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पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मजदूरों को बयाने की रकम देकर ज्यादा कमाई का लालच दिया और उन्हें उत्तरप्रदेश के ईंट भट्टों में काम के लिए ले गए। वहां उन्हें बंधक बनाकर दिन-रात काम कराया जाता था और प्रताड़ित किया जाता था। पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं रायगढ़ जिले में 15 अप्रैल को मानव तस्करी से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने एक नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। (Human Trafficking in Chhattisgarh)

रायगढ़ में 5 आरोपी गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि पीड़िता को काम दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर रायगढ़ लाया गया, जहां से उसे मध्यप्रदेश भेज दिया गया। वहां पैसों के लेन-देन के आधार पर उसका जबरन विवाह कराया गया और उसके साथ शोषण किया गया। किसी तरह वापस रायगढ़ पहुंचने के बाद भी गिरोह के सदस्यों ने उसे अपने नियंत्रण में रखकर अवैध गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को मुक्त कराया। मामले में सिरिन बानो उर्फ पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची, बिंदिया रात्रे, मोहम्मद दानिश उर्फ चीकू, सुनील दीक्षित और एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी की तलाश जारी है।

दुर्ग में 13 दिनों में 192 गुमशुदा बरामद

दुर्ग जिले में लगातार बढ़ रहे गुमशुदगी के मामलों को देखते हुए पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के सभी थानों में विशेष टीमें गठित की गईं, जिसके तहत पुलिस ने महज 13 दिनों में 192 गुमशुदा लोगों को देश के अलग-अलग राज्यों से सकुशल बरामद किया, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इनमें कई ऐसे मामले थे, जो सालों से लंबित थे। पुलिस टीमों ने छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में तलाश अभियान चलाकर इन लोगों को खोज निकाला।

बरामद किए गए लोग परिजनों को सौंपे गए

अभियान की सफलता में साइबर सेल, राजपत्रित अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों की अहम भूमिका रही। बरामद किए गए सभी लोगों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे कई परिवारों में फिर से खुशियां लौटी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस की इन कार्रवाइयों से न सिर्फ मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है, बल्कि गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलाकर सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। (Human Trafficking in Chhattisgarh)

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