Raipur: रसनी में उद्योग के लिए जमीन आवंटन का विरोध, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Opposition to Land Allotment: रायपुर के आरंग विकासखंड के ग्राम पंचायत रसनी में शासकीय भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए हस्तांतरित करने की प्रक्रिया से विवाद गहराने की बातें सामने आ रही है। जिला व्यापार और उद्योग विभाग द्वारा लगभग 56 एकड़ (करीब 22 हेक्टेयर) जमीन आवंटित करने की तैयारी के विरोध में जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों के द्वारा विरोध के स्वर उठने लगा है।
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इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर विरोध की बात कही है, यदि जनभावनाओं के विपरीत भूमि आवंटन किया गया, तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जायेगा।

तहसील स्तर से शुरू हुआ मामला, गांव में बढ़ा आक्रोश
मिली जानकारी के अनुसार, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक की मांग पर तहसीलदार आरंग ने ग्राम पंचायत रसनी से 13 खसरा नंबरों की जमीन के संबंध में अभिमत मांगा था। यह सूचना गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्राम पंचायत की आपात बैठक में सरपंच नंद कुमार चन्द्राकर, उपसरपंच पारस चन्द्राकर और पंचों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

बोले, यह जमीन गांव की ‘लाइफलाइन’
रायपुर जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने बताया कि, संबंधित भूमि (खसरा नंबर 15, 16, 17 सहित कुल 13 खसरे) गांव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में इस जमीन का उपयोग बहुउद्देश्यीय खेल मैदान, धान खरीदी केंद्र और पशुओं के चारागाह के रूप में किया जा रहा है। इसके साथ ही, बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य के रिहायशी विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए वृक्षारोपण भी इसी भूमि पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि वे किसी भी स्थिति में इस जमीन पर उद्योग स्थापित नहीं होने देंगे।
मामला पहुंचा शासन तक
वतन चन्द्राकर ने इस संबंध में पत्र की प्रतियां क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को भी प्रेषित किये जाने की बात कही है। (Opposition to Land Allotment)



