जमीन विवाद में युवक की हत्या, 5 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं, गांव में हालात तनावपूर्ण

Conflict in Pakhanjur: कांकेर के पखांजूर थाना क्षेत्र के हृदयपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस घटना में एक शख्स की मौत हो गई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के पांच दिन बाद भी मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। शव अभी तक पखांजूर की मर्चुरी में रखा हुआ है। दरअसल, 5 अप्रैल की सुबह जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी झड़प में बदल गई। खेत में काम कर रहे मजुमदार परिवार पर हमला किया गया। हमलावरों ने लाठी, डंडे, लोहे के पाइप और टंगिया जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया।
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इस हमले में 30 साल के जिवेश मजुमदार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों पक्षों से कुल 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया और 6 अप्रैल को इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी दिन शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद से शव मर्चुरी में रखा हुआ है। ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक आरोपी और एक अन्य व्यक्ति के घर से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसी मांग को लेकर गांव में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। (Conflict in Pakhanjur)

घटना वाले दिन भी ग्रामीणों ने थाना और तहसील कार्यालय का घेराव किया था। प्रशासन ने 6 अप्रैल को संबंधित घरों पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया और 7 अप्रैल को कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन कोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। बुधवार को ग्रामीणों की बैठक के बाद रैली निकाली गई और आरोपी के घर की ओर कूच किया गया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने आरोपी के घर के बाहर रखे सामान में तोड़फोड़ की। वहीं एक अज्ञात व्यक्ति ने पास में रखी पराली में आग लगा दी, जो जलकर खाक हो गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों, खासकर आरोपी के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एसडीओपी रवि कुमार कुजूर के अनुसार, ग्रामीण अब अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए हैं। जैसे ही मृतक के परिजन पहुंचेंगे, अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उस पर वर्तमान में एक पक्ष का कब्जा है, जबकि दूसरा पक्ष उसे अपने पट्टे की जमीन बता रहा है।

यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था, जो इस बार हिंसा में बदल गया। गांव में हालात अभी भी तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, 5 दिन बीत जाने के बाद भी न तो विवाद पूरी तरह सुलझ पाया है और न ही लोगों का आक्रोश पूरी तरह शांत हुआ है। यह मामला यह याद दिलाता है कि जमीन विवाद छोटे से बहस से शुरू होकर कभी-कभी खतरनाक हद तक बढ़ सकते हैं और समझौता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का रास्ता है। (Conflict in Pakhanjur)



