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शादी का सपना बना धोखा, राजनांदगांव में फर्जी मैरिज ब्यूरो ने युवकों से ऐंठे 37 लाख

Cheating in Name of Marriage: राजनांदगांव में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के नाम पर युवकों को झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने महिला संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र के सृष्टि कॉलोनी का है, जहां एक किराए के मकान में ‘लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो’ के नाम से फर्जी ऑफिस संचालित किया जा रहा था।

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ASP ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के नेतृत्व में टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और व्हाट्सएप के जरिए शादी के इच्छुक युवकों से संपर्क करते थे। आरोपी पहले युवकों को भरोसे में लेते थे, फिर अलग-अलग चरणों में पैसे वसूलते थे। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर रकम, प्रोफाइल पसंद आने पर फैमिली मीटिंग चार्ज और स्पेशल पैकेज के नाम पर 30 से 40 हजार रुपए तक वसूली की जाती थी। पैसे मिलते ही आरोपी या तो बहाना बनाकर टाल देते थे या मोबाइल नंबर ब्लॉक कर संपर्क खत्म कर देते थे।

37 लाख से ज्यादा का ट्रांजेक्शन

पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों से पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। यह आंकड़ा एक बड़े ठगी नेटवर्क की ओर इशारा करता है। दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम सबूत बरामद किए, जिसमें 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल, 9 रजिस्टर और दस्तावेज के साथ 2286 युवतियों की तस्वीरें शामिल हैं। तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी ID बनाने के लिए किया जाता था। मामले में पुलिस ने संचालक नेहा पाठक और डायरेक्टर धर्मेंद्र मानिक पुरी को गिरफ्तार किया है। धर्मेंद्र मानिक पुरी का संबंध कवर्धा जिले से बताया जा रहा है, जिसे लेकर वहां की पुलिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। (Cheating in Name of Marriage)

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस का मानना है कि कई पीड़ित लोकलाज के डर से सामने नहीं आए हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे संपर्क किया जा रहा है, जिससे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो या सोशल मीडिया पर मिलने वाले विवाह प्रस्तावों की पूरी जांच करें। बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। राजनांदगांव में सामने आया यह मामला न सिर्फ साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि अपराधी अब भावनाओं को निशाना बनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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