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पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भिड़े 2 पूर्व मुख्यमंत्री, अब्दुल्ला ने हमले में लोकल सपोर्ट की मानी बात, मुफ्ती ने जताई आपत्ति 

Farooq Vs Mehbooba Mufti: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले में लोकल सपोर्ट होने की बात मानी है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला लोकल सपोर्ट के बिना नहीं हो सकता है, क्योंकि आतंकवादी वहां कैसे आए, ये सवाल आज भी बना हुआ है। किसी लोकल ने उनकी मदद तो जरूर की है। उन्होंने कहा कि मैं नहीं समझता कि ये चीजें हो सकती है, जब तक कोई इनका साथ न दें। वो वहां से आए, किस तरह आए? इस पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है।

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मुफ्ती ने X पर लिखा- पहलगाम आतंकी हमले में कश्मीरियों को शामिल करने वाला फारूक साहब का बयान बेहद परेशान करने वाला और खेदजनक है। एक वरिष्ठ नेता और वह भी एक कश्मीरी के तौर पर उनके बयान से विभाजनकारी बयानों को बढ़ावा मिलने का खतरा है, जिससे कुछ मीडिया चैनलों को कश्मीरियों और मुसलमानों को और भी ज्यादा स्टीरियोटाइप और कलंकित करने का मौका मिल रहा है। यह न केवल भ्रामक है, बल्कि ऐसे समय में घातक है जब जम्मू-कश्मीर के छात्र और व्यापारी पहले से ही अत्यधिक असुरक्षित और हमलों का सामना कर रहे हैं। (Farooq Vs Mehbooba Mufti)

हिमांशी नरवाल से प्रेरणा लेनी चाहिए: मुफ्ती

उन्होंने कहा कि हमें हिमांशी नरवाल से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने अपने पति की शहादत के बावजूद भारतीयों से कश्मीरियों या मुसलमानों को दोष न देने और उन्हें निशाना न बनाने का आग्रह किया। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने कहा था कि हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों या कश्मीरियों के खिलाफ जाएं। हम शांति चाहते हैं और केवल शांति। बेशक, हम न्याय चाहते हैं। बता दें कि पहलगाम की बायसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। (Farooq Vs Mehbooba Mufti)

फारूक अब्दुल्ला ने किया पलटवार

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री और JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती की हर बात का मैं जवाब दूं तो अच्छा नहीं लगेगा। मैं महबूबा मुफ्ती से कहूंगा कि ऐसी बातें ना करें। हम कभी आतंकवाद के साथ नहीं रहे और ना ही रहेंगे। ना हम कभी पाकिस्तानी थे, ना हैं और ना होंगे। हम भारत का अटूट अंग हैं और हम भारत का मुकुट हैं। उन्होंने कहा कि महबूबा आतंकवादियों के घर जाया करती थी। उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए। इधर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पहलगाम आतंकवादी हमले समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। (Farooq Vs Mehbooba Mufti)

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