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तमिलनाडु के पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 23 मजदूरों की मौत, कई घायल

Firecracker Factory Explosion: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में से 6 की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है, जिनमें 16 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। कई शव इतने बुरी तरह झुलस गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

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बचाव कार्य के दौरान एक और विस्फोट हुआ, जिसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम के 13 सदस्य घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट फैक्ट्री के उस हिस्से में हुआ, जहां मजदूर बारूद के साथ काम कर रहे थे। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री के तीन कमरे ढह गए और आसपास की कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ। प्रशासन ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निगरानी के लिए एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को तैनात किया गया है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भी दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए, साथ ही जिला प्रशासन को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने को कहा। (Firecracker Factory Explosion)

6 दिन पहले भी हुआ था हादसा

इससे पहले 13 अप्रैल को विरुधुनगर जिले के सत्तूर के पास सथिरापट्टी इलाके में एक अन्य पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा। पिछले कुछ सालों में राज्य में ऐसे कई बड़े हादसे सामने आए हैं। अगस्त 2024 में शिवकाशी के पटाखा फैक्ट्री में ओवरलोडेड उत्पादन और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 5-6 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। मार्च 2024 में विरुधुनगर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के चलते फैक्ट्री में धमाका हुआ, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई और आसपास के इलाके में भी नुकसान हुआ।

फरवरी 2021 में हुई थी 19 लोगों की मौत

वहीं अक्टूबर 2023 में अरुप्पुकोट्टई में विस्फोटक सामग्री के गलत मिश्रण के कारण तेज धमाका हुआ, जिसमें 10 मजदूरों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। जुलाई 2023 मे शिवकाशी में अवैध स्टोरेज और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, जिसमें 8-10 लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। फरवरी 2021 में शिवकाशी (विरुधुनगर) में केमिकल हैंडलिंग में लापरवाही के कारण हुए भीषण धमाके में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। (Firecracker Factory Explosion)

क्यों तमिलनाडु है पटाखा उद्योग का केंद्र ?

तमिलनाडु का शिवाकाशी विशेष रूप से देश का सबसे बड़ा पटाखा उत्पादन केंद्र माना जाता है। राज्य में 1000 से ज्यादा लाइसेंस प्राप्त यूनिट हैं। देश के कुल पटाखों का 80-90% उत्पादन यहीं होता है। सूखा मौसम पटाखा निर्माण के लिए अनुकूल होता है। पूरा क्षेत्र एक इंडस्ट्री क्लस्टर के रूप में विकसित किया गया है। पीढ़ियों से स्किल्ड लेबर इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। विरुधुनगर का यह हादसा एक बार फिर पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बार-बार हो रहे हादसों पर सवाल खड़े करता है। जांच के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता राहत और बचाव कार्यों पर है।

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