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महिला आरक्षण बिल गिरा, रिजिजू बोले- कांग्रेस ने किया महिलाओं से ‘विश्वासघात’

Women Reservation Bill: लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण देने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक (Women Reservation Bill) के पारित न हो पाने के बाद केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विफलता के लिए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश की महिलाओं के अधिकारों पर “बड़ा प्रहार” बताया है।

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राजनीतिक मंशा से रोका गया बिल: रिजिजू

मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि विपक्षी दलों ने अपनी राजनीतिक मंशा के चलते इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “यह सरकार की नहीं, बल्कि देश की महिलाओं की हार है। विपक्ष ने अपने बहुमत का दुरुपयोग करते हुए महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है।”

कांग्रेस पर महिला-विरोधी होने का आरोप

रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस घटनाक्रम से पार्टी का “महिला विरोधी चेहरा” उजागर हो गया है। उन्होंने कहा, “महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मनाना गंभीर पाप है। कांग्रेस पर अब महिला विरोधी होने का ऐसा दाग लगा है, जो आसानी से नहीं मिटेगा।”

निर्णय प्रक्रिया से दूर रखने का आरोप

मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना था, ताकि वे नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर सकें। उनका आरोप है कि विपक्ष ने इस दिशा में बाधा डालकर महिलाओं को सशक्त होने से रोका।

‘सरकार की नहीं, विपक्ष की विफलता’

विपक्ष द्वारा इसे सरकार की असफलता बताए जाने पर रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सरकार की नहीं, बल्कि विपक्ष की नीयत की विफलता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

मतदान में नहीं जुटा आवश्यक समर्थन

गौरतलब है कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। कुल 352 सदस्यों की मौजूदगी में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े, जिसके चलते यह प्रस्ताव गिर गया। (Women Reservation Bill)

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