बजट के बाद सोना-चांदी धड़ाम, दो दिन में बदली बाजार की तस्वीर
Gold-Silver Price Crash : केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के बाद कमोडिटी बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट (Gold-Silver Price Crash ) दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से फिसलकर काफी नीचे आ गए हैं, जिससे निवेशकों और खरीदारों में हलचल बढ़ गई है।
यह भी पढ़े :- बजट के बाद शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1500 अंक तक टूटा, निफ्टी 356 अंक फिसला
MCX के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को 4.01 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चांदी शुक्रवार को गिरकर करीब 2.66 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी। इस तरह महज दो दिनों में चांदी की कीमत में लगभग 1.36 लाख रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इसी तरह सोने के दामों में भी तेज नरमी आई है। 29 जनवरी को वायदा बाजार में 1.69 लाख रुपये के स्तर पर पहुंचा सोना अब घटकर 1.38 लाख रुपये के आसपास आ गया है। वहीं 10 ग्राम सोने का भाव भी गिरकर करीब 1.46 लाख रुपये पर पहुंच गया है। दो दिन में सोने की कीमतों में 30 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि शनिवार को सर्राफा बाजार बंद रहा, लेकिन इससे पहले 30 जनवरी को ही सोना लगभग 9,500 रुपये और चांदी करीब 40 हजार रुपये सस्ती हुई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 30 जनवरी को 24 कैरेट सोने का भाव 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.39 लाख रुपये प्रति किलो दर्ज की गई थी।
गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा की गई जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग। दूसरा, ऊंचे दामों के चलते फिजिकल डिमांड में कमी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
मार्जिन बढ़ने से बढ़ा दबाव
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने और चांदी पर मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स को अतिरिक्त पूंजी लगानी पड़ती है, और नकदी की कमी के चलते कई निवेशकों ने अपनी पोजीशन काटी, जिससे बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्जिन में बढ़ोतरी और वैश्विक संकेतों के चलते आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। (Gold-Silver Price Crash )




