राजनांदगांव के मेंटल हॉस्पिटल में पूर्व पंच की हत्या, दूसरे मरीज ने उतारा मौत के घाट, कटघरे में अस्पताल प्रबंधन

Murder in Mental Hospital: राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र अंतर्गत देवादा गांव के एक निजी मेंटल हॉस्पिटल में हत्या से सनसनी फैल गई है। दरअसल, हॉस्पिटल में एक पूर्व पंच की दूसरे मानसिक रोगी ने हत्या कर दी, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक कांता प्रसाद बंजारे (42 साल) कांकेतरा क्षेत्र का रहने वाला था, जो मानसिक बीमारी से ग्रस्त था। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे देवादा स्थित मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहीं आरोपी आत्माराम निर्मलकर (47 साल) छुईखदान क्षेत्र के बोदली गांव का रहने वाला है, जो मानसिक इलाज के लिए उसी अस्पताल में भर्ती था।
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घटना बुधवार-गुरुवार की रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है, जब अस्पताल के वार्ड में अचानक आत्माराम निर्मलकर ने कांता प्रसाद पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और हिंसक था कि कांता प्रसाद को संभलने का मौका नहीं मिला। उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि वार्ड में कूलर की तेज आवाज होने के कारण वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों को घटना का पता समय पर नहीं चल पाया, जब तक स्टाफ और गार्ड मौके पर पहुंचे, तब तक कांता प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। (Murder in Mental Hospital)
अस्पताल प्रबंधन पर सवाल
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि रात के समय वार्ड की निगरानी पर्याप्त नहीं थी, जिससे यह घटना हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि आरोपी मरीज की स्थिति सामान्य मानी जा रही थी, इसलिए किसी को उस पर हमले की आशंका नहीं थी। सोमनी पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मानसिक रोगियों की स्थिति कई बार अचानक बिगड़ जाती है, जिससे इस तरह की हिंसक घटनाएं हो सकती हैं। साथ ही जांच में यह भी माना जा रहा है कि गर्मी के मौसम में मानसिक रोगियों की हालत और ज्यादा बिगड़ सकती है, जो इस घटना की एक वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर मेंटल हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मरीजों की देखभाल के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है, यह घटना उसी की गंभीर याद दिलाती है। यह घटना पूरे स्वास्थ्य तंत्र और अस्पताल प्रबंधन के लिए भी गंभीर चेतावनी है। एक मरीज के दूसरे मरीज की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था, रात की निगरानी और CCTV सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसे संस्थानों में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। (Murder in Mental Hospital)




