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बच्चों में OMICRON के दिख रहे नए लक्षण, लापरवाही न बरतें पैरेंट्स, डॉक्टर्स ने किया आगाह

नई दिल्ली : दुनियाभर में कोरोना वायरस जमकर तांडव मचा रहा है। वहीं उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। omicron के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच पेरेंट्स की चिंता काफी बढ़ गई है. 15 साल से कम उम्र के बच्चों की वैक्सीन आने में अभी काफी समय है. ऐसे में पेरेंट्स इस बात को लेकर परेशान है कि कोरोना के इस नए वैरिएंट्स से छोटे बच्चों को कैसे बचाया जाए.

इम्यूनिटी अच्छी होने के बावजूद अब बच्चों के भी कोरोना से संक्रमित होने के मामले बढ़ने लगे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बच्चों को इस वायरस से बचाकर रखने की सलाह दे रहे हैं. फिलहाल बच्चों में ओमिक्रॉन के कोई गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं लेकिन अमेरिका के अस्पतालों में बच्चों की भर्ती होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है.

बच्चों में ओमिक्रॉन के अलग लक्षण :

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों में ओमिक्रॉन के लक्षण बड़ों से अलग हो सकते हैं. दक्षिण अफ्रीका के डिस्कवरी हेल्थ की एक स्टडी में पाया गया है कि ओमिक्रॉन के सबसे आम लक्षण नाक बंद होना, गले में खराश या चुभन, सूखी खांसी और पीठ के निचले हिस्से में दर्द हैं. अमेरिका के लेविन चिल्ड्रन हॉस्पिटल की डॉक्टर अमीना अहमद ने एक वीडियो में बताया, ‘बच्चों की तुलना में बड़ों में गले में खराश और कफ बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है. ये सुनने में आ रहा है कि ज्यादातर मामले हल्के हैं लेकिन फिर भी ये लोग बीमार पड़ रहे हैं.

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 US के बाल संक्रामक रोग चिकित्सक डॉक्टर सैम डोमिंगुएज का कहना है, ‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि ज्यादातर बच्चों को COVID-19 हो रहा है. डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन ज्यादा तेज गति से फैल रहा है. यही वजह है कि ज्यादातर बच्चे इसके संपर्क में आने लगे हैं और बीमार पड़ने लगे हैं.’ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ओमिक्रॉन कुछ बच्चों में अलग तरीके से व्यवहार कर रहा है. इससे संक्रमित कुछ बच्चों में काली खांसी (कुक्कुर खांसी) देखने को मिल रही है. इसे बार्किंग कफ भी कहते हैंं क्योंकि इसमें सांस लेते समय घरघराने या भौंकने जैसी आवाज आती है. डॉक्टर का कहना है कि श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से में संक्रमण फैलने की वजह से ऐसा होता है.

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