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कोई भी न्याय व्यवस्था तभी मजबूत मानी जाएगी…जब वह सही अर्थों में समावेशी हो: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 

President Draupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि विरासत और विकास के संगम के द्वारा हम एक ऐसे विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं जो न्याय पर आधारित होगा। कोई भी न्याय व्यवस्था तभी मजबूत मानी जाएगी जब वह सही अर्थों में समावेशी हो। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनका लक्ष्य समाज के सभी वर्गों, विशेषरूप से कमजोर और वंचित वर्गों को फोरेंसिक साक्ष्य के आधार पर निष्पक्ष और त्वरित न्याय प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से देश के सुशासन में योगदान देने का आग्रह किया।

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राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि फोरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाने और प्रमाण को मजबूत बनाने के लिए अनेक बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य वैज्ञानिक और स्पष्ट साक्ष्यों के आधार पर न्याय प्रक्रिया में आने वाले व्यवधानों को कम करना और तेज गति से न्याय सुलभ कराना है। अपराधियों से अधिक तेज, तत्पर और सजग रहकर ही हमारे पुलिसिंग, अभियोजन और आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली से जुड़े लोग अपराध पर नियंत्रण रखने तथा न्याय सुलभ कराने में सफल हो सकते हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के योगदान से एक मजबूत फोरेंसिक प्रणाली विकसित होगी, सजा दर बढ़ेगी और अपराधी अपराध करने से डरेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में न्याय आधारित सामाजिक व्यवस्था को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। (President Draupadi Murmu)

राष्ट्रपति ने कहा कि विरासत और विकास को मिलाकर हम न्याय आधारित विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में गृह मंत्रालय ने फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका को मजबूत करने और इस क्षेत्र में सुविधाएं और क्षमता विकसित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। तीन नए आपराधिक कानूनों में अपराध जांच और साक्ष्य से जुड़े बदलाव किए गए हैं। जिन मामलों में सजा की अवधि सात साल या उससे ज्यादा है, उनमें अब फोरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर जाकर जांच करना अनिवार्य कर दिया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में सभी राज्यों में समयबद्ध तरीके से फोरेंसिक सुविधाओं के विकास का प्रावधान किया गया है। कई कानूनों में समयबद्ध फोरेंसिक जांच को अनिवार्य बनाया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि इन बदलावों से फोरेंसिक विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी। (President Draupadi Murmu)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे बदलावों, विशेषकर डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में, के कारण फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञों की क्षमताएं बढ़ रही हैं, लेकिन साथ ही, अपराधी भी नए तरीके खोज रहे हैं। हमारी पुलिसिंग, अभियोजन और आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली से जुड़े लोग अपराधियों से अधिक बुद्धिमान, अधिक तत्पर और सतर्क होकर ही अपराध को नियंत्रित करने और न्याय को सुलभ बनाने में सफल हो सकते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात टूरिज्म टेंट सिटी, कच्छ में शिल्प स्टालों का दौरा भी किया, जहां उन्होंने स्थानीय शिल्पकारों के उत्पादों को देखा और उनके साथ बातचीत की। इसके साथ ही कच्छ के रण में व्हाइट डेजर्ट का दौरा किया और शानदार सूर्यास्त देखा। (President Draupadi Murmu)

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