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राशिफल गुरुवार 21 अक्टूबर 2021 : सुखी जीवन के लिए करें यह उपाय, क्या कहती हैं आपकी राशि, जानें अपना राशिफल

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राशिफल गुरुवार 21 अक्टूबर 2021 एवं सुखी जीवन के उपाय : दान, भोजन (मन्त्र हिन्दू एवं जैन धर्म ) राशिफल 21अक्टूबर2021, दिन- गुरुवार। तिथि-प्रतिपदा। चन्द्र राशी –मेष। व्रत- कार्तिक स्नान प्रारंभ। कार्य सिद्ध सफल योग -16:19 तक। पंचक-नहीं। भद्रा –नहीं। वर्षा योग प्रबल – कही आंशिक एवं कही प्रबलवर्षा योग(17-27अक्टूबर) : भारत एवं मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र, पश्चमी  एवं अन्य प्रदेशों के दक्षिणी, पर्वतीय एवं बंगलौर में वर्षा योग 20 तक प्रबल इसके बाद भी वर्षा योग मंगल ग्रह के कारण 27 अक्टूबर तक बने रहेंगे। तापमान में विगत 03 वर्षों की तुलना में अक्टूबर माह में न्यूनता यागिरावट रहेगी।

मंगल ग्रह प्रभाव – 31 को मंगल ग्रहस्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा, इसके अनावृष्टि के प्रभाव, तापमान में वृद्धि प्रभाव दृष्टिगोचर होंगे। 27-31 अक्टूबर – संगीत, नृत्य, अभिनय, शिल्प, कला, व्यवसाय से जुड़े वर्ग के लिए एवं ब्राह्मण के लिए अशुभ समय होगा।

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राशिफल गुरुवार 21 अक्टूबर 2021

मेष राशि (Aries) – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ.

मन पसन्द इच्छित भोजन का आनन्द मिलने का योग है। आपको सुस्वादु मनचाहा भोजन, सुविधापूर्वक उपलब्ध होगा। आपको शारीरिक सुख-साधन, उत्तम वस्त्र व सुगंध तथा अन्य इच्छित सांसारिक वस्तुएं मिलेंगी। इस समय सर्वोत्तम मित्र व परिचित मिलेंगे। आपके पारिवारिक जीवन में भी आम दिनों की तुलना में अधिक आनन्द होगा। प्रेम या दाम्पत्य जीवन में आप अपने साथी से सुखद अनुभूतियों में वृद्धि की आशा कर सकते हैं। विशेष- नए कार्य, यात्रा आरम्भ, मंत्रणा, परामर्श, विपणन के वांछित परिणाम मिलना संदिग्ध है।

वृष राशि (Taurus) – ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो.

आर्थिक दृष्टि से यह समय कठिनाइयों से परिपूर्ण है। खर्चे बढ़ेंगे। अपनी धन सम्पदा का ध्यान रखें। अपव्यय से बचें। अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों के प्रति विशेष सचेत रहें। संभव है आपको मनवांछित फल न मिले। स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। मानसिक रुप से आप व्यथा व बैचेनी अनुभव कर सकते हैं।

मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, घ, ड, छ, के, को, ह.

यह दिन आपको अधिक धन उपार्जन व सम्पत्ति अर्जित करने में सहायक होगा। आपको लेनदारी या उधर दी गयी धनराशि भी प्राप्त हो सकती है। व्यक्तिगत रुप से यह समय आपको प्रसन्नता, सुख व विपरीत लिंग वाले व्यक्तियों के साथ आनन्ददायक है। परिवार के सदस्यों का मेलमिलाप होगा। पुराने मित्रों के साथ पुनर्मिलन के भी सुअवसर हैं।

कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो.

यह माह का अच्छा समय है। यह समय इच्छापूर्त्ति, लक्ष्यप्राप्ति का है। सांसारिक व भौतिक सुख प्राप्त होंगे। आप कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं तो यही उपयुक्त समय है क्योंकि इसमें सफलता निश्चित है। इस काल के अनुकूल होने के कारण आप व आपका परिवार सामान्य रुप से सुखी रहेंगे। यह समय आपके कार्यस्थल के लिए भी शुभ है। आप सम्मान, सफलता  एवम् प्रशंसा की आशा कर सकते हैं। विशेष-नए कार्य,यात्रा आरम्भ,मंत्रणा,परामर्श,विपणनके वांछित परिणाम मिलना संदिग्ध है |

सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.

आपको अपने व्यापार अथवा कार्यालय में साधारण दिनों से अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। अनिद्रा की स्थिति अनपेक्षित कारणो से भी हो सकती है। मानसिक रुप से आप थकान महसूस कर सकते हैं। अकर्मण्यता या आलस्य भी आप पर हावी हो सकता है। आप किसी धार्मिक अनुष्ठान अथवा दान जैसा पुण्य कार्य सफलतापूर्वक कर सकते हैं।

कन्या राशि (Virgo) – टो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो.

असुविधा, असहयोग, समन्वयहीन, अपेक्षा के विपरीत स्थिति का  समय है। किसी अनुकूल, अपेक्षित, शुभ समाचार की आशा मत कीजिए। सूचना भी सत्यता से परे हो सकती हैं। यह रोजमर्रा के जीवन में परेशानियों व बाधाओं का दिन है। आर्थिक दृष्टि से भी यह काल लाभ पूर्ण नहीं है। आपको धन वसूली में कठिनाई आ सकती है।

तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते.

सकारात्मक परिवर्तन होंगे। यह समय सुख व कार्यों में सफलता का द्योतक है। आर्थिक दृष्टि से भी यह समय आपके लिए शुभ है। अटका हुआ पैसा पुन: प्राप्त हो सकता है। आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में भी सहायक होगी। प्रेम या  नए मित्र, मित्र बनाने हेतु यह समय अनुकूल है।

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वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू.

प्राथमिकता के आधार पर कार्य करिए क्योंकि सफलता की संभावना प्रबल हैं। यह समय आपके लिए आपके हिस्से की प्रतिष्ठा व पहचान पाने का हो सकता है। आप शत्रुओं पर विजय पाएँगे। नए मित्र भी बनाएँगे।मित्रों से सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध सुख पूर्ण रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। व्यापर में लाभ होगा। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। विशेष- नए कार्य, यात्रा आरम्भ, मंत्रणा, परामर्श, विपणन के वांछित परिणाम मिलना संदिग्ध है।

धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, भ, भी, भू, ध, फ, ढ, भे.

कुछ मिले- जुले,सुख-दुख,सफलता-असफलता के परिणाम का दिन है। व्यापार  मे लाभप्रद लेन-देन सम्पन्न करने में कुछ कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यात्रा हेतु हरी झंडी मिलने से पहले आपको कुछ बाधाएं पार करनी होंगी। अपने कार्य इच्छानुसार पूरे न कर पाने के कारण आप मानसिक रुप से अशांत खिन्न रहने की तुलना मे पूर्व जन्म कृत स्व कर्म का भोग मान कर धैर्य रखिए।

मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, ग, गी.

यह दिन मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से सम्बन्धित नकारात्मक परिणामों का सूचक है। परिवार के किसी सदस्य अथवा सम्बन्धी के स्वास्थ्य पर व्यय या व्यस्तता का कारण बन सकता है। मानसिक रुप से आप अशांत व आस-पास के व्यक्तियों के व्यवहार के प्रति असंतुष्ट,अप्रसन्न या सशंकित रह सकते हैं। आप विवाद, विषाद, चिंता, तनाव व मानसिक संताप को दूर रखने का भरसक प्रयास करें।

कुंभ राशि (Aquarius)– गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द.

चन्द्रमा की गोचर गति लक्ष्यों की प्राप्ति व प्रयासों में सफलता दर्शा रही है। आपकी  ख्याति एवं यश,प्रतिष्ठा वृद्धि का समय हैं। यह दिन धन की दृष्टि से भी सौभाग्यपूर्ण है। बकाया राशि की प्राप्ति, या व्यवसाय मे धन की प्राप्ति होने के योग हैं। प्रयास के परिणाम अपेक्षा के अनुकूल ही रहेंगे। आर्थिक लाभ की आप आशा कर सकते हैं।

मीन राशि (Pisces) – दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची.

विशेष रुप से धन की हानि, व्यय या विनियोजन के योग है। अपने व्यय पर विशेष ध्यान देने रखें। आप लोगों से व्यवहार के प्रति विशेष सतर्क रहें। इन दिनों आप कोई परामर्श,बीच वचाव या विवाद में भी न पड़ें। व्यर्थ में झगड़े की संभावना है। असावधानी अहम को  ठेस पहुँचा सकती है। कार्यालय में बाधाएं आ सकती हैं। आप अविचलित रहें ,क्योंकि ये शीघ्र ही निकल जाएंगी।

तिथि दोष निराकरण

आवला एवं इसके तेल, शेम्पू व्यंजन उत्पाद का प्रयोग नहीं करे। कूष्मांड (कुम्हड़ा पेठा) न खायें क्योंकि यह धन की हानि करने वाला है। पूर्णिमा को रात्रि में खीर खुले आकाश में रखे एवं प्रातः ग्रहण करे।

कार्य के पूर्व : अग्निदेव की पूजा करके घृत का हवन करे तो उस हवि से समस्त धान्य और अपरिमित धन की प्राप्ति होती है।

मन्त्र : ॐअग्निर्देवाय नम:।। ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि। तन्नो अग्नि: प्रचोदयात्।। मेष, वृश्चिक राशी वाले बाधा नाश के लिए उपाय अवश्य करे। 

दिन के ग्रह दान एवं मंत्र–

घर से निकलने से पूर्व-सरसों के मुंह में डालकर, बेसन के लड्डू निकलें दही खाकर निकलना।

  1. सौभाग्य सफलता वृद्धिके लिए – ग्रह गुरु के दोष शांति के लिए-स्नान जल मे मिला नदी या तीर्थ जल, चमेली पुष्प, सफेद के अभाव मे पीली सरसों, गूलर, मुलेठी, मिला कर स्नान करे।
  2. बाधा मुक्ति के लिए दान-पीला अनाज, चना, शकर पीले पुष्प, हल्दी, केसर। पीला वस्त्र पीला फल पपीता केला आदि दान करे।
  3. दान किसको दे – गुरु, ज्ञानी पुरुष, ब्राह्मण या ज्ञान, शिक्षा कर्म करने वाले को या शिक्षण संस्था, शिक्षक, विष्णु, कृष्ण, राम मंदिर में दान करना चाहिए।

गायत्री :-ओम अंगिरसाय विद्महे दिव्यदेवताय धीमहि तन्नो जीवः प्रचोदयात ।|आपो ज्योति रस अमृतम |परो रजसे साव दोम |

जैन धर्म मन्त्र :ॐ ह्रीं णमो आयरियाणं। ॐ ह्रीं गुरु ग्रहारिष्ट निवारकश्री महावीर जिनेन्द्राय नम सर्वशांतिं कुरु कुरु स्वाहा। मम (अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

नक्षत्र के दोष निराकरण उपाय : अश्विनीकुमारों की पूजा करने से मनुष्य दीर्घायु एवं व्याधिमुक्त होता है। या सुरथा रथीतमोभा देवा दिविस्पृशा। अश्विना ता हवामहे ॥२॥ ये दोनो अश्‍विनीकुमार सुसज्जित रथो से युक्त महान रथी है। ये आकाश मे गमन करते है। इन दोनो का हम आवाहन करते है॥२॥  हिरण्यपाणिमूतये सवितारमुप ह्वये। स चेत्ता देवता पदम् ॥५॥ यजमान को (प्रकाश-उर्जा आदि) देने वाले हिरण्यगर्भ(हाथ मे सुवर्ण धारण करने वाले या सुनहरी किरणो वाले) सवितादेव का हम अपनी रक्षा के लिये आवाहन करते है।॥५॥

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